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'औलाद ही कर सकती है बाप-दादाओं का बार-बार जिक्र', मुगलों के बहाने महबूबा का BJP पर हमला

Mehbooba Mufti on BJP: महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जब कोई मुद्दा नहीं मिलता तो ये लोग मुगलों पर उतर आते हैं और उनका जिक्र करने लगते हैं.

'औलाद ही कर सकती है बाप-दादाओं का बार-बार जिक्र', मुगलों के बहाने महबूबा का BJP पर हमला

Mehbooba Mufti attack on bjp

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डीएनए हिंदी: जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने रविवार को बीजेपी पर जमकर हमला बोला. महबूबा ने बीजेपी के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया. पीडीपी नेता ने मुगलों के बहाने सियासी वार किया. उन्होंने कहा कि जो लोग बार-बार मुगलों की बात करते हैं, वो लोग मुगलों की औलाद लगते हैं. क्योंकि बाप-दादाओं की सबसे ज्यादा बात तो औलाद ही कर सकती है. महबूबा ने साथ ही अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए.

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जब कोई मुद्दा नहीं मिलता तो ये लोग मुगलों पर उतर आते हैं और उनका जिक्र करने लगते हैं. इस देश का मुसलमान मुगलों की बात नहीं करता लेकिन जितना ये लोग करते हैं ऐसा लगता है कि जैसै उन्हीं की औलाद हों. एक बात बताइये, बाप-दादाओं की सबसे ज्यादा बात कौन करता है? जो औलाद होती है, वही ना. गौरतलब है कि बीजेपी की तरफ से हाल ही में कई नेताओं ने मुगलों लेकर बयान दिए थे. उसी को लेकर पूर्वी सीएम ने तंज कसा है.

आर्टिकल 370 को लेकर निशाना
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भाजपा नीत सरकार द्वारा गरीबों के घरों और कारोबार को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों को अहसास हो रहा है कि अनुच्छेद 370 कैसे उनके लिए सुरक्षा कवच था. उन्होंने साल 2014 के विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बनाने के लिए बीजेपी से गठबंधन करने के उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के फैसले का भी बचाव किया.

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उन्होंने कहा कि पीडीपी सुप्रीमों ने सफलतापूर्वक ‘जानवर को पिंजरे’ में कैद किया था. यहां आयोजित पार्टी कार्यक्रम में महबूबा ने कहा, ‘जब अनुच्छेद 370 को हटाने का फैसला लिया गया तो कुछ लोगों ने सोचा कि यह केवल पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस को प्रभावित करेगा. जब बुलडोजर हमारे घरों, कारोबार और यहां तक मवेशियों के बाड़े को गिराने आए तब लोगों को अहसास हुआ कि अनुच्छेद-370 हमारे लिए कितनी बड़ी सुरक्षा थी.’ महबूबा ने कहा कि मुफ्ती साहब ने भाजपा का हाथ पकड़ा ताकि उन्हें रोका जा सके. एक साल तक मुफ्ती साहब मुख्यमंत्री थे और दो साल तक मैं मुख्यमंत्री रही. हमने अपना एजेंडा लागू किया. जम्मू-कश्मीर का एजेंडा.’

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महबूबा ने दावा किया कि वह आज भी मुख्यमंत्री बनी रहतीं अगर उन्होंने भाजपा के रुख को स्वीकार किया होता. उन्होंने कहा कि मैंने उनकी बात नहीं मानी जिसके बाद वे सरकार से अलग हो गए.

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