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Meghalaya Earthquake: मेघालय में महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3.4 मापी गई तीव्रता

Meghalaya Earthquake: मेघालय से पहले महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. जानिए भूकंप के बार-बार आने क्या है वजह..

Meghalaya Earthquake: मेघालय में महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3.4 मापी गई तीव्रता

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डीएनए हिंदी: मेघालय के तुरा में गुरुवार तड़के भूकंप (Earthquake के झटके महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology) के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 मापी गई. भूकंप सुबह 3 बजकर 46 मिनट पर आया. भूकंप का केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर भीतर था. बता दें कि इससे पहले बुधवार को महाराष्ट्र के नासिक और अरुणाचल प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे.

हालांकि, आज की तरह महाराष्ट्र में भी भूकंप के हल्के ही झटके महसूस किए गए थे. इसकी तीव्रता 3.6 मापी गई थी. भूकंप सुबह 4 बजकर 5 मिनट पर आया था. इसका केंद्र नासिक से 89 किमी पश्चिमी में बताया गया जो जमीन से 5 किलोमीटर की गहराई में था.

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भूकंप के झटकों से हिली लद्दाख की धरती
इससे पहले 22 नवंबर को लद्दाख में भूकंप आया था. यहां भूकंप की तीव्रता थोड़ी ज्यादा था लेकिन किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ था. लद्दाख के कारगिर में धरती 4.3 तीव्रता के झटके सुबह करीब 10 बजकर 5 मिनट पर महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र कारगिल से 191 किलोमीटर उत्तर में था.

क्यों आ रहा बार-बार भूकंप?
विशेषज्ञों के अनुसार, टेक्टॉनिक प्लेट पर इस इलाके के किश्तवाड़, उधमपुर, कटड़ा और हिमाचल प्रदेश का चंबा इलाका टिका है. इस टेक्टॉनिक प्लेट पर किसी कारण से दबाव बढ़ा है, जिस कारण भारी ऊर्जा निकलकर भूकंप के झटकों में बदल रही है. पूरी धरती अंदर ही अंदर 7 प्लेट से मिलकर बनी है, जिन्हें टेक्टॉनिक प्लेट कहा जाता है. लिथोस्फेयरिक प्लेट भी कहलाने वाली टेक्टॉनिक प्लेट पहेलियों की तरह एक-दूसरे के साथ जुड़ी होती हैं. ये प्लेट एक जगह पर अटकी नहीं हैं, बल्कि पृथ्वी के मेंटल (Mantle) पर तैरती रहती हैं.

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पृथ्वी के क्रस्ट और कोर के बीच की परत को मेंटल कहते है. इन प्लेट की गति के कारण पहाड़ों तथा महासागरों का निर्माण होता है. जहां प्लेट एक-दूसरे को धक्का देती हैं, वहां पहाड़ का निर्माण होता है. इसी तरह जहां प्लेट अलग होती हैं, वहां महासागर बनता हैं.

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