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Manipur Violence: हिंसा रोकने में नाकाम सीएम बीरेन देंगे इस्तीफा, थोड़ी देर में करेंगे राज्यपाल से मुलाकात

Manipur Violence Updates: मणिपुर में लगातार हालात खराब हो रहे हैं. गुरुवार रात को भीड़ मुख्यमंत्री आवास का ही घेराव करने लगी थी.

Manipur Violence: हिंसा रोकने में नाकाम सीएम बीरेन देंगे इस्तीफा, थोड़ी देर में करेंगे राज्यपाल से मुलाकात

Manipur Chief Minister N. Biren Singh

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डीएनए हिंदी: Manipur News- मणिपुर में हिंसा के कारण हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं. हालात सुधारने में नाकाम होने के कारण विपक्ष के निशाने पर चल रहे मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह (N. Biren Singh) के आज यानी 30 जून को इस्तीफा देने की संभावना है. Zee News के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से मिलने के लिए समय मांगा है. इसके बाद ही ये खबरें सामने आई हैं कि इस दौरान बीरेन सिंह पद से इस्तीफा दे सकते हैं. मुख्यमंत्री के इस्तीफा देने की चर्चा मणिपुर में ताजा हिंसा के बाद सामने आई है. गुरुवार रात को मणिपुर की राजधानी इंफाल में भीड़ ने उत्पात मचाया था. कांगपोकपी में सुरक्षा बलों के साथ भिड़ंत में दो लोगों की मौत से नाराज भीड़ ने मुख्यमंत्री का आवास घेरने की भी कोशिश की थी. पुलिस को उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े थे.

मणिपुर में 57 दिन पहले भड़की थी हिंसा

मणिपुर में 3 मई को हिंसा भड़की थी, जब मैतेई समुदाय की एसटी वर्ग में शामिल करने की मांग का कुकी आदिवासी विरोध कर रहे थे. इसके बाद 57 दिन में भी यह हिंसा काबू में नहीं आई है. अब तक 120 से ज्यादा लोगों की हिंसा में मौत हो चुकी है. हिंसा का लाभ उठाकर राज्य में उग्रवादी भी दोबारा एक्टिव हो गए हैं. कुकी और मैतेई समुदायों के बीच छिड़ी इस जातीय हिंसा के कारण 50,000 से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं. वे 300 से ज्यादा राहत शिविरों में रखे गए हैं. हालात काबू नहीं कर पाने के चलते बीरेन सिंह लगातार निशाने पर हैं.

राहुल गांधी को रोकने के बाद ज्यादा उछला मुद्दा

मुख्यमंत्री बीरेन सिंह अब तक हालात को काबू में बताते रहे हैं, लेकिन गुरुवार को दो दिन के दौरे पर मणिपुर पहुंचे राहुल गांधी का काफिला रोकने के बाद वे निशाने पर आ गए हैं. राहुल का काफिला सुरक्षा हालात ठीक नहीं बताते हुए रोका गया था, जिसे विपक्षी दलों ने मुद्दा बना लिया है. शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बार फिर कहा कि जब राज्य में अमित शाह जा सकते हैं तो विपक्ष के लोग क्यों नहीं जा सकते. अगर वे (राहुल गांधी) गए तो ड्रामा, आप गए तो क्या? महाड्रामा? आपको उनकी यात्रा के बारे में 4 दिन पहले ही पता था, तो आपने उनको सुरक्षा पहले क्यों नहीं दी?

राहुल गांधी मिल रहे हैं हिंसा पीड़ितों से

राहुल गांधी ने गुरुवार को इंफाल और चुराचंदपुर में राहत शिविरों का दौरा कर हिंसा पीड़ितों से मुलाकात की थी. वे शुक्रवार को भी मैतेई समुदाय के लोगों से मिल रहे हैं.  राहुल का दावा है कि वो हिंसा के शिकार लोगों का दर्द बांटने और जमीनी हकीकत जानने पहुंचे हैं. दावा ये भी है कि उनके दौरे का मकसद राज्य में शांति बहाली में मदद करना है, लेकिन उनके दौरे के दौरान भी हिंसा की तस्वीरें लगातार सामने आती रहीं हैं.

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