Advertisement

लाल-नीली बत्ती लगी मर्सिडीज में ओमान का हाईकमिश्नर मार रहा था रौब, Ghaziabad Police के हत्थे चढ़ा तो सामने आया ऐसा सच

Ghaziabad News: गाजियाबाद पुलिस के हत्थे चढ़ा शख्स कई कॉलेजों में प्रोफेसर रह चुका है. वह महज वीआईपी ट्रीटमेंट पाने के लिए ओमान का हाई कमिश्नर होने का दिखावा कर रहा था.

Latest News
लाल-नीली बत्ती लगी मर्सिडीज में ओमान का हाईकमिश्नर मार रहा था रौब, Ghaziabad Police के हत्थे चढ़ा तो सामने आया ऐसा सच

Ghaziabad Police ने ओमान के फर्जी राजदूत को गिरफ्तार किया है.

Add DNA as a Preferred Source

Ghaziabad News: गाजियाबाद पुलिस ने गुरुवार को एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो खुद को ओमान का हाईकमिश्नर बताकर सब पर रौब मारता हुआ घूमता था. काली मर्सिडीज गाड़ी पर लाल-नीली बत्ती लगाकर और डिप्लोमैटिक नीली नंबर प्लेट लगाने के साथ ही यह शख्स ओमान का झंडा भी लगाकर घूमता था. जगह-जगह वह खुद को ओमान का हाईकमिश्नर बताकर VIP ट्रीटमेंट हासिल करता था. गाजियाबाद पुलिस (Ghaziabad Police) ने उसकी शिकायत मिलने के बाद उसे कौशांबी स्थित यूपी गेट से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने कृष्ण शेखर राणा नाम के इस शख्स के कब्जे से मर्सिडीज कार के अलावा एक आइडेंटिटी कार्ड और 46 विजिटिंग कार्ड भी बरामद किए हैं. उससे पूछताछ में सामने आया है कि दिल्ली की अमर कॉलोनी निवासी कृष्ण शेखर राणा (66 वर्ष) आगरा में प्रोफेसर रह चुका है और यूनिवर्सिटी का वाइस चांसलर भी रहा है. 

गाजियाबाद से आगरा तक किया फर्जीवाड़ा
पुलिस की जांच में सामने आया कि कृष्ण शेखर राणा ने गाजियाबाद से मथुरा, फरीदाबाद और आगरा तक खुद को ओमान का हाई कमिश्नर बताकर ठगी की है. वास्तव में वह IGTC (India GCC Trade Council) नाम के एक एनजीओ में ट्रेड कमिश्नर का पद संभाल रहा था, जिसका काम ओमान के साथ व्यापार बढ़ाना था. इस दम पर वह खुद को ओमान का हाईकमिश्नर बताकर पुलिस, प्रशासन से लेकर आम लोगों तक को गुमराह कर रहा था. बदले में वह अपने लिए VIP ट्रीटमेंट, सरकारी सुविधाएं और सुरक्षा प्रोटोकॉल हासिल करता था.

आगरा में खोल रखा है खुद का कॉलेज
गाजियाबाद पुलिस के DCP (ट्रांस हिंडन) नीमीश पाटिल के मुताबिक, कृष्ण शेखर राणा 1982 से 2015 तक आगरा विश्वविद्यालय में जूलॉजी का प्रोफेसर रह चुका है. इसके अलावा वह वाइस चांसलर भी रहा है. रिटायरमेंट के बाद साल 2015 से 2018 के बीच वह केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय में अप्रेजल अथॉरिटी के तौर पर भी तैनात रहा है. इस पद पर कृष्णा का काम पर्यावरण से जुड़े मामलों में क्लियरेंस देने का फैसला करना था. पुलिस ने उसके बारे में जानकारी के लिए पर्यावरण मंत्रालय को भी ईमेल किया है, जिसका जवाब अभी नहीं मिला है. आगरा में उसने अपना कृष्णा कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी खोल रखा है. साथ ही राजस्थान में एक रिसॉर्ट भी बना रखा है. 

BNS की कई धाराओं के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
डीसीपी पाटिल के मुताबिक, आरोपी के पास से फर्जी राजनयिक आईडी कार्ड, 42 फर्जी विजिटिंग कार्ड, लाल-नीली बत्ती लगी मर्सिडीज कार, अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं. पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है. साथ ही उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उचित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement