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बच्चे को इंजेक्शन लगाने वाली स्वीपर की उम्र महज 17 साल है. इसे देखते हुए पुलिस ने स्वीपर के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (Juvenile Justice Act) लगाया है
डीएनए हिंदी: महाराष्ट्र में एक नर्सिंग होम के सफाईकर्मी द्वारा दो साल के बच्चे को गलत इंजेक्शन लगाने का मामला सामने आया है. इससे मासूम की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं घटना को लेकर शिवाजी नगर पुलिस ने चार कर्मचारियों (सफाई कर्मचारी, एक डॉक्टर, एक रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) और एक नर्स) के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
जानकारी के अनुसार, बच्चे को इंजेक्शन लगाने वाली स्वीपर की उम्र महज 17 साल है. इसे देखते हुए पुलिस ने स्वीपर के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (Juvenile Justice Act) लगाया है.
घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया, 12 जनवरी के दिन दो वर्षीय ताहा खान को बुखार की शिकायत के बाद बैगनवाड़ी के नूर नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था. इस बीच डॉक्टर ने घर जाने से पहले आरएमओ को एक दूसरे मरीज (16 वर्षीय) को एजिथ्रोमाइसिन (Azithromycin) दवा का इंजेक्शन लगाने के लिए कहा.
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हालांकि उस समय आरएमओ उपलब्ध नहीं था. इसके बाद डॉक्टर ने नर्स से किशोर रोगी को दवा देने के लिए कहा. नर्स ने डॉक्टर की बात पर ध्यान नहीं दिया. यह देख वहां मौजूद स्वीपर से इंजेक्शन लगाने के लिए कहा गया. स्वीपर ने 16 वर्षीय मरीज की जगह दो साल के बच्चे को इंजेक्शन लगा दिया और इससे बच्चे की मिनटों में ही मौत हो गई.
बच्चे की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. दूसरी ओर स्थानीय लोगों में मामले को लेकर आक्रोष का माहौल है.