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Shocking News: 'पंजाब का गेहूं खाकर उड़ गए बाल' जानें महाराष्ट्र के 15 गांवों के रहस्यमयी गंजेपन पर पद्मश्री डॉक्टर का बड़ा दावा

Shocking News: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के 15 गांवों में अचानक लोगों के सिर के बाल गायब हो गए थे. करीब दो महीने पहले शुरू हुए इस गंजेपन की जांच के लिए सरकार ने विशेषज्ञ जांच कमेटी बनाई थी.

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Shocking News: 'पंजाब का गेहूं खाकर उड़ गए बाल' जानें महाराष्ट्र के 15 गांवों के रहस्यमयी गंजेपन पर पद्मश्री डॉक्टर का बड़ा दावा
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Shocking News: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के 15 गांवों में लोगों के अचानक गंजे हो जाने के पीछे पंजाब और हरियाणा हैं. यह हम नहीं कह रहे बल्कि चौंकाने वाला यह दावा पद्मश्री डॉक्टर हिम्मतराव बावस्कर ने किया है. उन्होंने दावा किया है कि सरकारी गल्ले में बंटने के लिए पंजाब और हरियाणा से आए गेहूं में मौजूद एक खतरनाक केमिकल के कारण लोगों के बाल अचानक झड़ गए हैं. डॉ. हिम्मतराव बावस्कर मशहूर फिजिशियन और पद्मश्री से सम्मानित हैं. उन्होंने यह दावा सरपंच के घर सरकारी गल्ले में बंटने के लिए आए गेहूं की जांच करने के बाद किया है. उनका कहना है कि इस गेहूं में सेलेनियम तय मात्रा से बहुत ज्यादा है, जिसके चलते इसे खाने वाले बच्चे, बूढ़े और जवान, सभी के बाल झड़ गए हैं और वे गंजे हो गए हैं. डॉ. हिम्मतराव के इस दावे के बाद हंगामा होने के आसार बन गए हैं.

279 लोगों के झड़ गए थे बाल
बुलढ़ाणा जिले की शेगाव तहसील के बोंडगांव, हिंगना गांव, कालवड़ गांव समेत कुल 15 गांवों में दो महीने पहले रहस्यमयी बीमारी फैल गई थी. इन गांवों में बच्चों से लेकर बूढ़ों तक के बाल रातोंरात झड़ गए थे और वे गंजे हो गए थे. महिलाओं के भी बाल झड़ने लगे थे. इन सभी लोगों में गंजेपन की बीमारी एक्यूट एलोपेशिया टोटलिस फैल गई थी. दिसंबर, 2024 से जनवरी, 2025 के बीच इस बीमारी का शिकार 279 लोग हुए थे. इस बीमारी में तीन दिन में पूरे बाल झड़कर लोग गंजे हो रहे थे. पहले दिन सिर में खुजली होती थी और दूसरे दिन बाल गिरने लगते थे. इसके बाद तीसरा दिन सारे बाल गिर जाते थे. 

हड़कंप मचने पर शुरू हुई थी जांच
लोगों के अचानक गंजा होने से हड़कंप मच गया था. महाराष्ट्र सरकार ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग की टीमों को मौके पर रवाना किया था. टीमों ने गंजे हुए लोगों के ब्लड सैंपल लेने के साथ ही गांवों के पानी का भी सैंपल लिया था, लेकिन रातोंरात गंजा होने का कारण नहीं पता चल रहा था. इसके बाद राज्य सरकार ने एक्सपर्ट कमेटी का गठन कर दिया था, जिसकी जांच चल रही है.

डॉ. बावस्कर ने किया है ये दावा
पद्मश्री से सम्मानित डॉ. बावस्कर ने भी इस बीमारी का जांच इन गांवों में जाकर करने का दावा किया है. उन्होंने कहा है कि वे एक महीने से इ गांवों में रिसर्च कर रहे हैं. इस रिसर्च में यहां सरकारी राशन में बंटने वाला गेहूं के कारण गंजापन फैलने की बात सामने आई है. उन्होंने भोनगांव के सरपंच के घर से गेहूं के सैंपल लेकर इनका लैब टेस्ट कराया तो इस गेहूं में सेलेनियम की मात्रा सामान्य से 600 गुना ज्यादा मिली है और जिंक की मात्रा बेहद कम मिली है. पीड़ितों में बुखार, सिरदर्द, सिर में खुजली, उल्टी-दस्त जैसे लक्षण भी पै गए. सेलेनियम के असर से ही लोगों के सिर के बाल गिरे हैं. जांच में यह गेहूं पंजाब और हरियाणा से आने की बात सामने आई है. 

गंजेपन के कारण टूट गईं युवक-युवतियों की शादियां
अचानक फैली इस गंजेपन की महामारी ने इन 15 गांवों के लोगों को महज शारीरिक समस्या नहीं दी बल्कि ये उस इलाके में सामाजिक समस्या भी बन गई है. बहुत सारे युवक-युवतियों की इस कारण शादियां टूट गईं. साथ ही गंजेपन के कारण वे स्कूल-कॉलेज भी जाने से कतरा रहे हैं. 

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