Advertisement

महादेव ऐप का को-फाउंडर गिरफ्तार, प्रत्यर्पण पर UAE अधिकारियों से बात कर रहीं एजेंसियां

दुबई में महादेव सट्टेबाजी ऐप का को-फाउंडर गिरफ्तार हो गया है. प्रत्यपर्ण को लेकर यूएई अधिकारियों के साथ भारतीय टीम बातचीत में लगी है.

महादेव ऐप का को-फाउंडर गिरफ्तार, प्रत्यर्पण पर UAE अधिकारियों से बात कर रहीं एजेंसियां

Mahadev Betting App Scam

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: दुबई में महादेव सट्टेबाजी ऐप का को-फाउंडर रवि उप्पल गिरफ्तार हो गया है. महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का रवि उप्पल भी सह आरोपी है. रवि उप्पल को स्थानीय अधिकारियों ने दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में हिरासत में लिया है. रवि उप्पल के खिलाफ इंटरपोल ने नोटिस जारी किया था.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोटिस जारी करने की अपील की है. सट्टेबाजी ऐप के को-फाउंडर को पहले अधिकारियों ने हिरासत में लिया था. ईडी के अधिकारियों ने कहा है कि अधिकारी पिछले हफ्ते हिरासत में लिए गए उप्पल को भारत भेजने के लिए अरब देश के अधिकारियों के संपर्क में हैं.

कौन है सौरभ चंद्राकर?
रवि उप्पल और ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के एक अन्य प्रमोटर, सौरभ चंद्राकर भी जांच के दायरे में है. रवि उप्पल के खिलाफ छत्तीसगढ़ और मुंबई पुलिस भी जांच कर जांच कर रही है. महादेव सट्टेबाजी ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की गूंज पूरे देश में सुनाई पड़ रही थी. रवि महादेव ऐप केस में मुख्य आरोपी सौरव चंद्राकर का सहयोगी है.


इसे भी पढ़ें- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री आज लेंगे शपथ, जानिए नई सरकार के बारे में सबकुछ

कहां से चल रहा था ये रैकेट?
जांच एजेंसी के मुताबिक रवि उप्पल और कई अन्य लोग संयुक्त अरब अमीरात में एक ऑफिस से इस ऐप को ऑपरेट कर रहे थे. आरोप है कि ये लोग मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला लेनदेन में शामिल थे. जांच एजेंसियों के मुताबिक इसके जरिए होने वाली अनुमानित आय करीब 6,000 करोड़ रुपये है.

किस दावे पर मची है खलबली?
जांच एजेंसी के मुताबिक रवि उप्पल और कई अन्य लोगों ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल को लगभग 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया था. नवंबर में प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि ये आरोप भी जांच का विषय हैं. जांच के दौरान रणबीर कपूर, श्रद्धा कपूर, हुमा कुरेशी, कपिल शर्मा, बोमन ईरानी और हिना खान समेत कई बॉलीवुड हस्तियों को प्रवर्तन निदेशालय ने तलब किया था. जांच एजेंसी को उन पर संदेह है कि इस ऐप की जालसाजी से इन्हें भी धन लाभ पहुंचा है.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement