Advertisement

Maha Kumbh 2025: महाकुंभ मेले में बदला 106 साल का इतिहास, पहली बार रात में उतरी Prayagraj Airport पर फ्लाइट

Flights for Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ मेला शुरू हो चुका है. देश-दुनिया के हर हिस्से से इसमें भाग लेने के लिए लोग आ रहे हैं. अब रात में भी वहां फ्लाइट संचालन शुरू होने से श्रद्धालुओं को बहुत सुविधा होने जा रही है.

Latest News
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ मेले में बदला 106 साल का इतिहास, पहली बार रात में उतरी Prayagraj Airport पर फ्लाइट

Prayagraj Maha Kumbh Mela 2025 में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी हुई है. (फोटो- PTI)

Add DNA as a Preferred Source

Flights for Maha Kumbh 2025: उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में आस्था का सबसे बड़ा समागम शुरू हो चुका है. महाकुंभ मेले में देश-दुनिया के हर कोने से सनातन के श्रद्धालु पहुंचकर संगम स्नान का अमृत लाभ लेने की कोशिश में हैं. ऐसे श्रद्धालुओं के लिए एक बढ़िया खबर आई है, जिसने प्रयागराज में 106 साल का इतिहास भी बदल दिया है. प्रयागराज एयरपोर्ट (Prayagraj Airport) पर पिछले 106 साल में पहली बार रात में फ्लाइट उतरने में सफलता मिली है. इस ऐतिहासिक माइलस्टोन के बाद अब प्रयागराज एयरपोर्ट पर 24/7 फ्लाइट ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है, जिससे देश के सभी कोनों से संगम नगरी में रात को भी फ्लाइट से आने की सुविधा मिल पाएगी. आइए आपको इस सुविधा के बारे में बताते हैं.

पहली बार रात में उतरी फ्लाइट में थे 196 यात्री
प्रयागराज में 106 साल में पहली बार रात में फ्लाइट उतरने को भारतीय उड्डयन इतिहास में अहम मोड़ माना जा रहा है. इस फ्लाइट में 196 यात्री सवार थे. भारत की एकता और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करने वाले महाकुंभ के पवित्र आयोजन के लिए यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए इसे बड़ा कदम माना जा रहा है.

उड्डयन मंत्री ने कही इस सफलता पर ये खास बात
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किजारपू ने रात में फ्लाइट उतरने को रीजनल कनेक्टिविटी की दिशा में ऐतिहासिक बताया है. उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा,'यह माइलस्टोन केवल कनेक्टिविटी की बात नहीं है बल्कि यह लाखों श्रद्धालुओं को महाकुंभ 2025 तक सुविधाजनक पहुंच भी दे रहा है. साथ ही यह महाकुंभ के जरिये पूरे देश और दुनिया के लोगों को एकजुट भी कर रहा है.' उन्होंने इस माइलस्टोन को सफल बनाने में शामिल सभी लोगों की प्रशंसा की है, जिन्होंने रीजनल उड्डयन को एडवंसकरने और श्रद्धालुओं को सुविधा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को सफल बना दिया है.

3 करोड़ से ज्यादा लोगों ने लगाई है आस्था की डुबकी
सनातन के सबसे बड़े आयोजन महाकुंभ में पहले दिन सोमवार को 1.5 करोड़ से ज्यादा लोगों ने पवित्र त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई थी. महाकुंभ के दूसरे दिन मकर संक्रांति के अमृत स्नान के दिन मंगलवार को 3 करोड़ से ज्यादा लोगों के स्नान करने का अनुमान लगाया गया है, जो देर रात तक जारी है. त्रिवेणी संगम ही वह स्थल है, जहां यमुना आकर गंगा में समा जाती हैं और अदृश्य सरस्वती नदी के भी इन दोनों से यहीं मिलने का दावा किया जाता है.

ख़बर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement