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कांग्रेस का 'सॉफ्ट हिंदुत्व' मुस्लिम विधायक को नहीं आया रास! कमलनाथ के इस फैसले पर उठा दिए सवाल

भारत की राजनीति में मोदी युग की शुरुआत से ही कांग्रेस 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की राजनीति पर जोर दे रही है लेकिन लगता है कि अब मध्य प्रदेश कांग्रेस के एक मुस्लिम विधायक को पार्टी का यह स्टैंड रास नहीं आया है.

कांग्रेस का 'सॉफ्ट हिंदुत्व' मुस्लिम विधायक को नहीं आया रास! कमलनाथ के इस फैसले पर उठा दिए सवाल

Image Credit- Twitter/arifmasoodbpl

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डीएनए हिंदी: भारत की राजनीति में मोदी युग की शुरुआत से ही कांग्रेस 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की राजनीति पर जोर दे रही है लेकिन लगता है कि अब मध्य प्रदेश कांग्रेस के एक मुस्लिम विधायक को पार्टी का यह स्टैंड रास नहीं आया है.

भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मंगलवार को कहा कि पार्टी अपने पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को आगामी रामनवमी और हनुमान जयंती के अवसर पर ‘रामायण, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा’ का पाठ करने का निर्देश देकर गलत परंपरा स्थापित कर रही है.

मसूद ने आश्चर्य जताया कि रमजान और अन्य धर्मों के त्योहारों को मनाने के बारे में कांग्रेस ने अपने पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के लिए इस तरह के निर्देश क्यों जारी नहीं किए.

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कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई की ओर से पार्टी उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर द्वारा दो अप्रैल को समस्त जिला, शहर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षगण, कांग्रेस के विधायकों, पार्टी के लोकसभा एवं विधानसभा प्रत्याशियों, समस्त जिला प्रभारियों, मोर्चा संगठन एवं विभाग के अध्यक्षों को एक परिपत्र जारी किया गया था.

परिपत्र में कहा गया था कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के निर्देश के अनुसार पार्टी कार्यकर्ता 10 अप्रैल को राम नवमी के अवसर पर भगवान राम का कथा वाचन, रामलीला और उनकी पूजा-अर्चना के कार्यक्रम तथा 16 अप्रैल को हनुमान जयंती पर सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा के पाठ का आयोजन करें.

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माना जा रहा है कि ऐसा धार्मिक आयोजन कर कांग्रेस मध्यप्रदेश में हिन्दुओं में अपना जनाधार और मजबूत करना चाहती है, ताकि राज्य में अगले साल नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी को इसका फायदा मिल सके.

रामनवमी और हनुमान जयंती के अवसर पर रामायण, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करने के मध्यप्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर प्रतिक्रिया देते हुए मसूद ने संवाददाताओं से कहा, "कांग्रेस द्वारा अपने नेताओं को जारी किए गए इस परिपत्र पर मैंने सवाल उठाया है. यह एक राजनीतिक पार्टी के लिए अच्छी परंपरा नहीं है. एक राजनीतिक दल होने के नाते कांग्रेस को इस तरह का परिपत्र जारी नहीं करना चाहिए था. हम (कांग्रेस) सभी धर्मों को साथ लेकर चलते हैं."

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उन्होंने कहा, "कांग्रेस में मेरे सहयोगी और अन्य परिचित रामनवमी को उत्साह के साथ मनाते हैं, लेकिन पार्टी को इस तरह का कोई परिपत्र जारी करने की आवश्यकता नहीं थी." मसूद ने कहा, "अगर हम रामनवमी और हनुमान जयंती मनाने के लिए परिपत्र जारी करते हैं तो रमजान और अन्य धर्मों के त्योहारों के बारे में भी ऐसा परिपत्र जारी किया जाना चाहिए."

भाजपा नेता एवं मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस पर कटाक्ष करते हुए कहा, "उनका (मसूद) ऐतराज वाजिब है. आरिफ मसूद को आत्मचिंतन करना चाहिए. कांग्रेस का मुस्लिमों से वास्ता सिर्फ वोट तक ही सीमित है. भाजपा का भय दिखाकर वोट लेना इतना ही सिर्फ कांग्रेस जानती है."

उन्होंने कहा, "इफ्तारी करने वाले दिनों में कांग्रेस के नेता मंदिर जा रहे हैं. यही तो अच्छे दिन हैं." प्रदेश कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा, "कांग्रेस एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है. हमारे नेता इफ्तार और अन्य पार्टियों में भाग लेते हैं और सभी धर्मों के त्योहार मनाते हैं. हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं."

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