Advertisement

Loudspeaker row: सीएम योगी का अधिकारियों को निर्देश- दोबारा न लगने पाएं उतारे गए लाउडस्पीकर

यूपी में व्यापक स्तर पर धार्मिक स्थलों से अवैध लाउडस्पीकर हटाए जा रहे हैं. उनकी आवाज भी कम कराई जा रही है.

Loudspeaker row: सीएम योगी का अधिकारियों को निर्देश- दोबारा न लगने पाएं उतारे गए लाउडस्पीकर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (फाइल फोटो-PTI)

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ (Yogi Adityanath) ने शनिवार को दावा किया कि राज्‍य में अब तक एक लाख से अधिक लाउडस्पीकर उतारे गए हैं और अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी कि उतारे गए लाउडस्पीकर दोबारा न लगने पाएं. 

शनिवार की शाम झांसी पहुंचे मुख्‍यमंत्री योगी ने जनप्रतिनिधियों से चर्चा करने के साथ ही विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा की और यह दावा किया कि प्रदेश में अब तक एक लाख से अधिक लाउडस्पीकर उतारे गए हैं. 

दोबारा न लगने पाएं लाउडस्पीकर

सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि उतारे गए लाउडस्पीकर दोबारा न लगने पाएं. योगी ने कहा कि धार्मिक आयोजन धार्मिक स्थलों के परिसर के भीतर ही सीमित होने चाहिए, किसी भी पर्व-त्योहार का आयोजन सड़क पर नहीं होना चाहिए और इन आयोजनों से सामान्य नागरिकों के आवागमन में कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए. 

Uttar Pradesh सरकार ने लाउडस्पीकर हटाने को लेकर दिया यह आदेश

25 अप्रैल से ही जारी है अभियानगौरतलब है कि प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर लगाए गए अवैध लाउडस्पीकर को हटाने तथा अन्य लाउडस्पीकर की आवाज को निर्धारित सीमा तक सीमित करने का अभियान पिछली 25 अप्रैल को शुरू हुआ था और एक मई तक चला. 

VIDEO: लाउडस्पीकर राजनीति में क्यों मारी राज ठाकरे ने एंट्री? इसकी पटकथा साल 2019 में ही लिख गई थी

बिना भेद-भाव के उतारे जा रहे हैं लाउडस्पीकर

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने लखनऊ में जारी एक बयान में कहा था कि अवैध रूप से लगाए गए लाउडस्पीकर सभी धार्मिक स्थलों से बिना किसी भेदभाव के हटाए जा रहे हैं. ऐसे सभी लाउडस्पीकर को अवैध की श्रेणी में रखा गया है जिन्हें लगाने के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई है. प्रशांत कुमार ने यह भी कहा था कि लाउडस्पीकर के सिलसिले में हो रही कार्रवाई के दौरान उच्च न्यायालय के आदेशों को भी ध्यान में रखा जा रहा है. 

 

गूगल पर हमारे पेज को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें. हमसे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज पर आएं और डीएनए हिंदी को ट्विटर पर फॉलो करें.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement