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विपक्ष से छिन सकता है I.N.D.I.A नाम, नाराज दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया 10 अप्रैल तक का अल्टीमेटम

Delhi High Court On India Block Name: कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल अपने गठबंधन के लिए 'इंडिया' शॉर्टनेम का उपयोग कर रहे हैं, जिसके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल हुई थी.

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विपक्ष से छिन सकता है I.N.D.I.A नाम, नाराज दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया 10 अप्रैल तक का अल्टीमेटम

INDIA गठबंधन

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Delhi High Court On India Block Name: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) की गहमागहमी के बीच विपक्षी दलों के गठबंधन पर कानूनी संकट पैदा हो गया है. दरअसल कांग्रेस नेतृत्व में बने विपक्षी गठबंधन द्वारा उपयोग किए जा रहे शॉर्ट नेम I.N.D.I.A के उपयोग पर रोक लग सकती है. दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने इस मामले में दाखिल याचिका पर लिखित जवाब देने के लिए विपक्षी दलों को एक सप्ताह का मौका दिया है. हाई कोर्ट ने पूछा है कि गठबंधन का नाम I.N.D.I.A क्यों रखा गया है? इसका जवाब दाखिल करें. यदि 10 अप्रैल तक विपक्षी दल अपना जवाब दाखिल नहीं करते हैं तो इस नाम के उपयोग पर रोक लगाई जा सकती है. हाई कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है.

देश के नाम का अनुचित लाभ लेने का आरोप

PTI-भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल कांग्रेस नेतृत्व में विपक्षी दलों ने ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ नाम से अपना गठबंधन बनाया था. इस गठबंधन का शॉर्ट नेम विपक्षी दलों ने I.N.D.I.A रखा था. इसके खिलाफ गिरीश भारद्वाज नाम के व्यक्ति ने याचिका दाखिल की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि राजनीतिक दल इसके जरिये देश के नाम का अनुचित लाभ उठा रहे हैं. याचिकाकर्ता ने 26 राजनीतिक दलों को इस नाम और साथ में भारतीय झंडे का उपयोग करने से रोकने की मांग की थी. इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मनमीत पीएस अरोड़ा की बेंच ने विपक्षी दलों को एक सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है.

जवाब दाखिल करने की ये 'आखिरी मोहलत'

हाई कोर्ट बेंच ने नोटिस जारी करते हुए साफतौर पर कहा है कि 10 अप्रैल को ही याचिका का निस्तारण कर दिया जाएगा. विपक्षी दलों को जवाब दाखिल करने के लिए यह आखिरी मौका दिया जा रहा है. इसके बाद सुनवाई की तारीख को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. दरअसल याचिकाकर्ता ने इस मामले में जल्द सुनवाई की गुहार हाई कोर्ट बेंच से लगाई थी. उसका कहना था कि अगस्त 2023 से लंबित याचिका पर सुनवाई अब तक पूरी नहीं हुई है और निर्वाचन आयोग ने अब चुनाव कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है. याचिकाकर्ता के वकील वैभव सिंह ने हाई कोर्ट बेंच से तत्काल फैसला सुनाने की गुहार लगाते हुए दलील दी कि केंद्र सरकार और विपक्षी दलों ने 8 बार मौका मिलने के बावजूद जवाब नहीं दाखिल किया है. निर्वाचन आयोग के वकील ने अपना जवाब पहले ही दाखिल किए जाने की जानकारी दी.

विपक्षी दलों का दावा- सुप्रीम कोर्ट निपटा चुका है मुद्दा

इस मामले में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रे, द्रमुक समेत 9 राजनीतिक दलों की तरफ से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए. सिंघवी ने हाई कोर्ट से कहा कि इस याचिका के खिलाफ प्रारंभिक आपत्तियां थीं. सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे को पहले ही निपटा चुका है. ऐसे में हाई कोर्ट में इसकी सुनवाई का औचित्य नहीं है. हालांकि इसके बावजूद हाई कोर्ट ने उन्हें जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.

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