भारत
यहां एक रहस्यमयी सड़क है, जिसे 'दुनिया का अंत' माना जाता है. उत्तरी ध्रुव के पास 129 किलोमीटर लंबी यह सड़क औसतन 500 मीटर की ऊँचाई पर बनी है.
ज्यादातर लोग जानना चाहते हैं कि आखिर दुनिया का अंत कहां है. दुनिया कितनी बड़ी है, जहां दुनिया का अंत होगा, उस जगह के आगे क्या है. क्या दुनिया के अंत में सिर्फ़ एक रेगिस्तान है? बहुत से लोग इस जानकारी से अनजान हैं. काफ़ी खोजबीन के बाद वैज्ञानिकों ने दुनिया के अंत का पता लगा लिया है. अगर आप भी जानना चाहते हैं तो आइए जानें कहां है अंत...
बता दें कि प्रकाश और अँधेरे में छिपी यह लंबी सड़क बर्फ से ढकी हुई है. वहां अकेले जाने की अनुमति नहीं है. केवल समूह के साथ ही इस सड़क पर जाने की अनुमति है. इस सड़क को 'ई सिक्सटी नाइन' कहा जाता है. यह नॉर्वे में है.
उत्तरी ध्रुव के पास से गुज़रने वाली दुनिया की आखिरी सड़क लगभग 129 किलोमीटर लंबी है. यहां एक तरफ़ जहां हवाएं तेज़ रफ़्तार से चलती हैं, वहीं दूसरी तरफ़ बेहद ठंड भी होती है. यहां गर्मियों में भी बर्फबारी होती है. और चूंकि यह तट पर है, इसलिए यहाँ कभी भी तूफ़ान आ सकता है. बर्फबारी या बारिश के दौरान गाड़ी चलाना बेहद ख़तरनाक होता है. इस सड़क पर दिन और रात का चक्र भी बिल्कुल अलग होता है.
सर्दियों में छह महीने अंधेरा और गर्मियों में लगातार धूप रहती है. सर्दियों में दिन नहीं होता और गर्मियों में रात नहीं होती. साल के छह महीने दिन और छह महीने रात होती है. इस इलाके का तापमान सर्दियों में लगभग -43 डिग्री सेल्सियस और गर्मियों में शून्य डिग्री सेल्सियस रहता है. इस अद्भुत अनुभव का आनंद लेने के लिए पर्यटक हर साल आते हैं.
ई-69 नॉर्वे नॉर्वे में है. इसको पार करने के लिए आपको पाँच सुरंगों से होकर गुज़रना होगा. इनमें सबसे लंबी नॉर्थ केप सुरंग है. इसकी लंबाई लगभग 7 किलोमीटर है. यह समुद्र तल से लगभग 212 मीटर नीचे जाती है. इस रास्ते से जाने पर आपको दोनों तरफ़ खूबसूरत प्राकृतिक नज़ारे दिखाई देंगे. समुद्र और बर्फ़ होगी. 1930 तक नॉर्वे सरकार ने 'ई-69 हाईवे' का निर्माण शुरू कर दिया था. बाद में, 1934 के आसपास, यहाँ पर्यटकों का आना शुरू हो गया. यह रहस्यमयी सड़क यात्रियों में अनजानी चीज़ों को जानने की जिज्ञासा को और बढ़ा देती है. हर साल दुनिया के कई अलग-अलग देशों से लोग रोमांच की तलाश में इस अद्भुत सड़क पर आते हैं.
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