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Kuno Cheetah Death: कूनो में एक और चीते की मौत, पढ़ें भारत में क्यों नहीं सांस ले पा रहा है अफ्रीकी चीता

Kuno National Park में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर अफ्रीकी देशों से लाकर चीते बसाए गए हैं, लेकिन इनकी लगातार मौत हो रही है.

Kuno Cheetah Death: कूनो में एक और चीते की मौत, पढ़ें भारत में क्यों नहीं सांस ले पा रहा है अफ्रीकी चीता

Kuno Cheetah Death: कूनो नेशनल पार्क में चीते के शावक मार्च में जन्मे थे. इन्हीं में से एक शावक की मौत हो गई है.

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डीएनए हिंदी: Madhya Pradesh News- मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में मंगलवार को एक और चीते की मौत हो गई है. इस बार मरने वाला चीता भारत में ही तीन महीने पहले जन्म लेने वाला नवजात शावक है. बता दें कि मार्च में 27 मार्च को एक मादा चीता ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया था. इन्हीं में से एक शावक की मौत हो गई है. हालांकि वन अधिकारियों ने शावक की मौत का कारण कमजोरी को बताया है, लेकिन एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या अफ्रीकी देशों से आए चीतों को भारतीय आबोहवा रास नहीं आ रही है? 

दो महीने में चार चीतों की मौत

कूनो में अब पिछले दो महीने के दौरान चार चीतों की मौत हो चुकी है. सबसे पहले 23 मार्च को मादा चीता साशा की मौत संक्रमण के कारण हुई थी. अप्रैल के अंत में एक अन्य चीते उदय ने बीमारी के कारण दम तोड़ दिया था. करीब 13 दिन पहले मेटिंग के दौरान मेल चीते से झगड़ा होने पर पंजा लगने से घायल हो गई एक अन्य मादा चीता दक्षा ने भी बाद में दम तोड़ दिया था. अब इस नवजात चीता शावक की भी मौत हो गई है.

वन अधिकारियों ने कही है ये बात

कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत की पुष्टि प्रिंसिपल चीफ फॉरेस्ट कंजरवेटर जेएस चौहान ने की है. उन्होंने नवजात शावक की मौत का कारण कमजोरी को बताया है. उन्होंने बताया, 24 मार्च को ज्वाला नाम की मादा चीता ने 4 बच्चों को जन्म दिया था. हम उनकी मॉनिटरिंग कर रहे थे. चारों में से एक बच्चा कमजोर था. आज जब हमारी टीम गई तो एक बच्चा सिर उठाने की कोशिश कर रहा था. तुरंत पशु चिकित्सकों को बुलाया गया, लेकिन उसकी मृत्यु हो गई. मूल रूप से कमजोरी के कारण उसकी मृत्यु हुई है. 

मार्च में जन्मे थे चीते के चार शावक

नामीबिया से लाई मादा चीता ज्वाला ने 27 मार्च को कूनो नेशनल पार्क में चार शावकों को जन्म दिया था. ये भारतीय धरती पर करीब 74 साल बाद जन्म लेने वाले पहले चीता शावक थे. इसके चलते बेहद खुशी मनाई गई थी. उस समय इन शावकों के चलते कूनो में कुल चीतों की संख्या 23 हो गई थी. इसके बाद हुई चीतों की मौत के चलते अब कूनो में 20 चीते ही रह गए हैं.

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