Advertisement

Kota Suicide: कोटा में फिर एक छात्र ने की सुसाइड, एक सप्ताह में तीसरी और इस साल 21वीं मौत

Kota News: कोटा में छात्र की मौत से कुछ घंटे पहले ही उसके पिता हॉस्टल में उससे मिलकर गए थे. मृत छात्र उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला था.

Kota Suicide: कोटा में फिर एक छात्र ने की सुसाइड, एक सप्ताह में तीसरी और इस साल 21वीं मौत

Delhi Crime News

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: Rajasthan News- राजस्थान के कोटा में इंजीनियरिंग की कोचिंग के दबाव ने एक और छात्र की जान ले ली है. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के रहने वाले स्टूडेंट ने कोटा के एक हॉस्टल में गुरुवार देर रात सुसाइड कर ली. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 17 वर्षीय छात्र की मौत से कुछ घंटे पहले ही उसके पिता उससे मिलकर वापस आजमगढ़ लौटे थे. इसके बाद रात में छात्र ने सुसाइड कर अपनी जान दे दी. छात्र यहां रहकर जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) की तैयारी कर रहा था. कोटा में यह पिछले एक सप्ताह में छात्र की आत्महत्या का तीसरा और इस साल 8 महीने में 21वां केस है. कोटा पुलिस ने छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

छह महीने से कोटा में रह रहा था छात्र

आजमगढ़ निवासी मनीष प्रजापति पिछले छह महीने से कोटा में रह रहा था. वह यहां एक निजी कोचिंग इंस्टीट्यूट में JEE की तैयारी कर रहा था. उसने महावीर नगर फर्स्ट इलाके में एक निजी हॉस्टल की पांचवीं मंजिल पर कमरा ले रखा था. जवाहर नगर पुलिस के मुताबिक, गुरुवार को उसके पिता उससे मिलने आए थे. इसके बाद वे वापस आजमगढ़ चले गए थे. रात में 8 बजे उन्होंने हॉस्टल के केयरटेकर को फोन कर मनीष से बात कराने के लिए कहा. केयरटेकर को कमरे का दरवाजा बंद मिला. बार-बार खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खुलने से उसे शक हुआ और उसने तत्काल हॉस्टल संचालक को बताया.

फंदे पर लटका मिला मनीष का शव

हॉस्टल संचालक जानकारी मिलते ही पहुंच गए और रोशनदान से कमरे के अंदर झांककर देखा. अंदर मनीष का शव पलंग की बेडशीट से फंदे पर लटका हुआ था. उन्होंने तत्काल जवाहरनगर थाना पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने वहां पहुंचकर कमरे का दरवाजा तुड़वाया और शव को फंदे से उतारा. मनीष की मौत हो चुकी थी. पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और उसकी फैमिली को आजमगढ़ में सूचना दी. मनीष के पिता रास्ते से ही वापस कोटा रवाना हो गए हैं.

पिता की नाराजगी बनी मौत का कारण

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हॉस्टल के केयरटेकर ने पुलिस को बताया है कि मनीष के पिता गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे उससे मिलकर वापस आजमगढ़ गए थे. उस समय वे बेहद नाराज लग रहे थे. इसके बाद शाम 7 बजे के करीब मनीष कोचिंग से लौटने के बाद हॉस्टल मेस में खाना खाने आया था. उसी समय वह आखिरी बार देखा गया था. मनीष के चेहरे पर बेहद तनाव लग रहा था. माना जा रहा है कि कोचिंग में पढ़ाई का दबाव होने की शिकायत करने पर मनीष के पिता ने उससे नाराजगी दिखाई होगी. इसी तनाव में उसने सुसाइड जैसा कदम उठा लिया. हालांकि पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.

इस सप्ताह तीसरी मौत

कोटा में मनीष से पहले भी इसी सप्ताह दो छात्र मौत को गले लगा चुके हैं. एक छात्र ने 3 अगस्त को सुसाइड की थी, जबकि दूसरे ने 4 अगस्त को मौत को गले लगाया. उनकी मौत के पीछे भी कोचिंग की पढ़ाई का दबाव नहीं झेल पाने की बात सामने आई थी. कोटा में इस साल पढ़ाई के तनाव के चलते यह 21वीं मौत है.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement