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मोनोजीत मिश्रा ने पिछले साल अगस्त में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के बाद फेसबुक पर घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों का एक वीडियो साझा किया था.
कोलकाता के एक लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर की छात्रा के साथ गैंगरेप के मुख्य आरोपी मोनोजीत मिश्रा का एक फेसबुक पोस्ट वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने बलात्कारियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है. जी हां सही सुना आपने। मिश्रा ने पिछले साल अगस्त में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 31 वर्षीय डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के बाद फेसबुक पर घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों का एक वीडियो साझा किया था. मिश्रा ने 16 अगस्त, 2024 को लिखा था, 'मैं चाहता हूं कि बलात्कारी को फांसी दी जाए. न्याय चाहिए, नाटक नहीं. तत्काल न्याय चाहिए. दोषियों के लिए मृत्युदंड चाहिए.'
इस बयान की विडंबना सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं पर भी हावी रही, जिन्होंने मिश्रा के स्पष्ट पाखंड की आलोचना की.
आरजी कार मेडिकल कॉलेज में हुए मामले के बाद मिश्रा ने लिखी थी पोस्ट
9 अगस्त 2024 को आरजी कार मेडिकल कॉलेज के सेमिनार रूम में एक ऑन-ड्यूटी ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था. पोस्टमार्टम में पुष्टि हुई कि उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया था और उसका गला घोंटा गया था.इसके बाद बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जिसमें मेडिकल प्रोफेशनल्स, राजनीतिक दल और कार्यकर्ता न्याय की मांग कर रहे थे.
कुछ ही दिनों में, कोलकाता पुलिस ने इस अपराध के लिए एक पूर्व नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया. 20 जनवरी, 2025 को सियालदह कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई. मिश्रा ने न्याय की मांग करते हुए जो पोस्ट किया था वह उन विरोध प्रदर्शनों के चरम के दौरान आया था, और अब उनकी खुद की गिरफ्तारी के बाद जनता में आक्रोश भड़क गया है.
क्या हुआ था कोलकाता लॉ कॉलेज में
साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में 31 वर्षीय क्रिमिनल लॉयर , पूर्व छात्र और संविदा पर काम करने वाले गैर-शिक्षण कर्मचारी मोनोजीत मिश्रा को बुधवार को छात्रों प्रमित मुखर्जी और जैद अहमद के साथ सामूहिक बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया.
पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में 24 वर्षीय पीड़िता ने कहा कि वह 25 जून को परीक्षा फॉर्म भरने के लिए कॉलेज गई थी. उसने आरोप लगाया कि मिश्रा ने उसके विवाह के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद उसके साथ बलात्कार किया, जबकि अन्य दो आरोपी पहरा दे रहे थे और अपने मोबाइल फोन पर इस कृत्य को रिकॉर्ड कर रहे थे.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि कॉलेज से बरामद सीसीटीवी फुटेज ने महिला के बयान का समर्थन किया है. फुटेज में शिकायत के अनुरूप हरकतें दिखाई दे रही हैं, जिसमें पीड़िता को उसकी इच्छा के विरुद्ध गार्ड के कमरे में ले जाना भी शामिल है.
इस मामले में मिश्रा, उनके दो साथियों और एक सुरक्षा गार्ड समेत कुल चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. मामले की जांच के लिए कोलकाता पुलिस ने पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है.
इस घटना ने बंगाल में राजनीतिक हलचल मचा दी है, विपक्षी भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की स्टूडेंट विंग पर हिंसक तत्वों को पनाह देने का आरोप लगाया है. टीएमसीपी ने आरोपियों से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है और सख्त सजा की मांग की है.