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कर्नाटक सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे ड्रेस से संबंधित मौजूदा नियमों का पालन कराएं.
डीएनए हिंदी: कर्नाटक में एजुकेशनल इंस्टीट्यू में हिजाब बैन करने पर सियासी बहस छिड़ी है. कांग्रेस (Congress) के दिग्गज नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शनिवार को कहा कि हिजाब को शिक्षा के रास्ते में लाकर भारत की बेटियों के भविष्य को छीना जा रहा है. राहुल गांधी ने शिक्षा के देवी सरस्वती का जिक्र करते हुए कहा कि वह कभी भेदभाव नहीं करती हैं.
राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'हिजाब को शिक्षा के रास्ते में लाकर हम भारत की बेटियों के भविष्य को छीन रहे हैं. मां सरस्वती सभी को ज्ञान दें. वह भेदभाव नहीं करतीं.'
क्यों शुरू हुआ है हिजाब पर विवाद?
राहुल गांधी की यह टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है जब कर्नाटक के एक कॉलेज में 25 मुस्लिम छात्राओं को प्रवेश से रोक दिया गया था. प्रशासन ने ऐसा निर्णय इसलिए लिया था क्योंकि उन्होंने हिजाब पहना था. इससे पहले उडुपी जिले के एक सरकारी कॉलेज ने छात्रों को हिजाब पहनने की वजह से क्लास में जाने पर रोक लगा दी थी.
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By letting students’ hijab come in the way of their education, we are robbing the future of the daughters of India.
Ma Saraswati gives knowledge to all. She doesn’t differentiate. #SaraswatiPuja— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 5, 2022
उडुपी के अलावा कुंडापुर कॉलेज की हिजाब पहन कर आई मुस्लिम छात्राओं को प्रिंसिपल ने गेट पर ही रोक दिया था. हिजाब पर जारी विवाद के बीच कर्नाटक सरकार कहा है कि अगले सप्ताह जब तक हाई कोर्ट का निर्णय न आ जाए, तब तक राज्य सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन शैक्षणिक संस्थान करें.
क्या है सरकार का रिएक्शन?
कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने गुरुवार को कहा था कि शिक्षण संस्थानों को दो समुदायों का युद्धक्षेत्र नहीं बनना चाहिए. यह एक पवित्र जगह है और हर छात्र समान है. कोर्ट इस पर अंतिम फैसला सुनाएगा. कोर्ट का जो भी फैसला होगा, अगले एजुकेशनल ईयर से इसका पालन किया जाएगा.
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