Advertisement

जम्मू-कश्मीर में मिले Lithium की क्वालिटी ने सबको चौंकाया, क्या चीन को पछाड़ देगा भारत?

Lithium Mines in India: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में मिले भंडार का लिथियम 550 पीपीएम से अधिक ग्रेड का है और यह भंडार करीब 59 लाख टन है.

जम्मू-कश्मीर में मिले Lithium की क्वालिटी ने सबको चौंकाया, क्या चीन को पछाड़ देगा भारत?

Jammu-Kashmir Lithium Reserve

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के रियासी जिले में मिले लिथियम की क्वालिटी ने सबको चौंका दिया है.  भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लिथियम की गुणवत्ता सर्वोत्तम है. जीएसआई ने इलेक्ट्रिक वाहन और सोलर पैनल बनाने में अहम धातु लिथियम के 59 लाख टन भंडार का पता रियासी जिले में लगाया है. वहीं, Lithium का यह भंडार मिलने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस खोज से उनका भविष्य उज्ज्वल होगा.

जम्मू-कश्मीर के खनन सचिव अमित शर्मा ने बताया, ‘‘लिथियम दुर्लभ संसाधनों की श्रेणी में आता है और पहले यह भारत में नहीं मिलता था, जिसकी वजह से हम इसके शत-प्रतिशत आयात पर निर्भर थे. जीएसआई द्वारा किए गए जी-3 (एडवांस) अध्ययन में पता चला है कि माता वैष्णो देवी तीर्थ की तलहटी में बसे सलाल गांव (रियासी जिले) में मौजूद लिथियम भंडार उच्च गुणवत्ता का है.’

ये भी पढ़ें- Video: महिला न्यूज एंकर ने Live शो के दौरान पति को दिया तलाक, नजारा देख दर्शक हुए हैरान

 59 लाख टन का भंडार
उन्होंने बताया कि सामान्य श्रेणी में लिथियम का ग्रेड 220 पार्ट्स पर मिलियन (PPM) का होता है, जबकि जम्मू-कश्मीर में मिले भंडार का लिथियम 550 पीपीएम से अधिक ग्रेड का है और यह भंडार करीब 59 लाख टन है जो लिथियम की उपलब्धता के मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा. उन्होंने कहा कि भारत इस खोज के साथ उन देशों के समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास लिथियम है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को पूरा करेगा.’ 

ये भी पढ़ें- 'केरल में कुश्ती-त्रिपुरा में दोस्ती,' लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन पर क्यों पीएम नरेंद्र मोदी ने कसा तंज, समझिए वजह 

खनन शुरू करने से पहले किए जाएंगे 2 अध्ययन
अमित शर्मा ने कहा कि लिथियम का विस्तृत इस्तेमाल है और भारत की जी-20 की अध्यक्षता के समय इसकी खोज जम्मू-कश्मीर को अपने समृद्ध भंडारों को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगा. खनन शुरू होने की समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर खनन सचिव ने कहा कि प्रत्येक परियोजना अपना समय लेती है. उन्होंने कहा कि हमने जी-3 का अध्ययन किया है, धातु का खनन शुरू करने से पहले जी-2 और जी-1 अध्ययन होगा.

इस खोज को लेकर ग्रामीण भी बहुत उत्साहित हैं. सलाल गांव के उप सरपंच राजेंद्र सिंह ने कहा कि यह हम सभी के लिए गौरवान्वित करने वाला क्षण है. रेल परियोजना और माता वैष्णो देवी तीर्थ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का सबसे बड़ा साधन है, लेकिन अब यह (लिथियम) परियोजना परिवर्तनकारी साबित होगी. (इनपुट- भाषा)

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement