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Jammu And Kashmir News: भारतीय सेना ने 29 जून को LoC पर पाकिस्तान से एंट्री कर रहे मोहम्मद आरिफ को राजौरी में पकड़ा था, जो लोकल गाइड का काम करता है. उससे पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं.
Jammu And Kashmir News: पाकिस्तान से आतंकियों की कश्मीर घाटी में घुसपैठ कराने वाले लोकल गाइड मोहम्मद आरिफ से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं. आरिफ को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के तरकुंडी इलाके में 29 जून को गिरफ्तार किया गया था. उसके साथ जैश-ए-मोहम्मद (Jais-E-Mohammed) के 4 आतंकी भी थे, जो आपसी फायरिंग के दौरान फरार हो गए थे. मौके से गिरफ्तार किए गए आतंकी गाइड आरिफ ने पूछताछ में बताया है कि उसने 20 हजार रुपये में चारों आतंकियों की घुसपैठ कराने का ठेका दिया था. इसके अलावा भी कई अहम जानकारी आरिफ ने दी हैं, जिनसे यह साबित होता है कि पाकिस्तानी सेना ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद भी आतंकियों को शह देने से बाज नहीं आ रही है.
चलिए आपको 5 पॉइंट्स में सारी जानकारी समझाते हैं.
1. मुठभेड़ में घायल हुए थे आतंकी
भारतीय सेना और BSF की टीम जॉइंट ऑपरेशन में 29 जून को राजौरी जिले के तरकुंडी इलाके में LoC के पार से आते समय मोहम्मद आरिफ को दबोचा था. इस दौरान उसके साथ जैश-ए-मोहम्मद के 4 आतंकी भी थे, जो पूरी तरह से हथियारों और गोला बारूद के साथ लैस थे. सेना-BSF के साथ मुठभेड़ के दौरान आरिफ पकड़ा गया, लेकिन आतंकी भाग निकले थे. सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ में हुई फायरिंग में आतंकी घायल भी हुए हैं, लेकिन वे भागने में सफल हो गए. आरिफ ने पूछताछ में उनके संभावित ठिकानों को लेकर कुछ अहम जानकारी दी है, जिसके बाद लगातार तलाशी अभियान चल रहा है.
2. पाकिस्तानी सेना अधिकारी ने दिया था घुसपैठ का टारगेट
आरिफ का गांव LoC से महज 5 किलोमीटर दूर है. नाई का काम करने वाला आरिफ LoC के करीब घूमता रहता है. इसके चलते वह पूरे इलाके को अच्छी तरह पहचानता है. कई बार वह लोकल गाइड के तौर पर काम करता है. आरिफ ने पूछताछ में इस घुसपैठ के पीछे पाकिस्तानी सेना का हाथ होने की पुष्टि की है. पूछताछ में उसने बताया कि उसके पास कुछ अज्ञात लोग आए, जिन्होंने पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी से बात कराई. इस अधिकारी ने आरिफ को 20 हजार रुपए लेकर आतंकियों की सीमापार से कश्मीर में घुसपैठ कराने का टारगेट दिया था. सूत्रों के मुताबिक, आरिफ का कहना है कि आतंकी आपसी बातचीत में किसी बड़े टारगेट की बात कर रहे थे. हालांकि यह टारगेट क्या है, इसके बारे में आरिफ नहीं बता पाया है. इसके चलते सुरक्षा बलों ने जैश आतंकियों की तलाश और ज्यादा गहन तरीके से शुरू कर दी है.
3. आरिफ के फोन को भेजा गया है फोरेंसिक जांच के लिए
आरिफ के फोन को सुरक्षा बलों ने फोरेंसिक जांच के लिए श्रीनगर FSL में भेजा है. बरामदगी के समय फोन में सिम नहीं था. सुरक्षा बलों को शक है कि आरिफ ने पकड़े जाने से पहले अपना सिम फोन से निकालकर कहीं फेंक दिया होगा. हालांकि आरिफ का कहना है कि वह बिना सिम के ही फोन वाईफाई पर चलाता है. अब पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसके फोन में क्या क्या है. उसके फोन से फोटो-वीडियो, कॉल डिटेल्स आदि जैसी कईं महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है. इस जांच में कईं और सबूत मिलने और परतें खुलने की उम्मीद है.
4. आरिफ के बार-बार बयान बदलने से हो रहा शक
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आतंकी गाइड आरिफ बार-बार अपना बयान बदल रहा है. इसके चलते उसकी बातों पर सुरक्षा बलों को संदेह हो रहा है. आरिफ ने पहली बार आतंकियों की घुसपैठ कराने का दावा किया है, लेकिन सुरक्षा बलों को शक है कि आरिफ पहले भी इस तरह की कोशिश कर चुका है और इसमें पाकिस्तान सेना की सीधी इन्वॉल्वमेंट है.
5. आरिफ की इन बातों पर उठ रहे सवाल
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