भारत
Indigenous 5th Gen Stealth Fighter Jet: रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एडवांस मीडियम कॉम्बेट एयरक्राफ्ट प्रोग्राम एक एक्जीक्यूशन मॉडल को मंजूरी दे दी है. इसे भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के अपग्रेडेशन के लिए बड़ा फैसला माना जा रहा है.
Indigenous 5th Gen Stealth Fighter Jet: दुनिया के सभी देशों में अगली पीढ़ी के फाइटर जेट्स को लेकर बढ़ती होड़ के बीच भारत ने बड़ा फैसला किया है. ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों को मिली सफलता के बाद इसी दिशा में आगे बढ़ने वाला फैसला किया गया है. मंगलवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ए़डवांस मीडियम कॉम्बेट एयरक्राफ्ट प्रोग्राम (Advanced Medium Combat Aircraft Programme) के एक्जीक्यूश मॉडल को मंजूरी दे दी है. यह भारत का स्वदेशी 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान होगा, जो स्टील्थ टेक्नोलॉजी से सुसज्जित किया जाएगा. पाकिस्तान को चीन से मिल रहे पांचवी पीढ़ी के लड़ाकू विमान को देखते हुए इसे बड़ा फैसला माना जा रहा है, जिसे सरकार की मदद से कंपनियां देश में ही पूरा करेंगी. हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अपना 5वीं पीढ़ी का फाइटर जेट डेवलप करने तक क्या सरकार भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की जरूरत पूरी करने के लिए किसी दूसरे देश से विमान खरीदेगी या नहीं.
ये होंगी स्वदेशी AMCA प्रोग्राम की खासियत
केंद्र सरकार के AMCA प्रोग्राम के सपने को एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के साथ मिलकर पूरा करेगी. इस प्रोग्राम की 5 खासियत होंगी, जिनमें रक्षा क्षमता के मामले में आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ना, उद्योगों के साथ साझेदारी करना, निजी और सार्वजनिक कंपनियों को बोली लगाने का समान अवसर देना, विदेशी कंपनी को भी भारत में ही खुद को स्थापित करना होगा यानी उसे भारतीय कंपनी बनना होगा, विमान का AMCA प्रोटोटाइप विकसित करना शामिल है.
कैसे चलेगी आगे की प्रक्रिया
ADA अब AMCA का प्रोटोटाइप डेवलप करने के लिए कंपनियों को इनवाइट करेगा. इसके लिए रुचि पत्र (EoI) जारी किया जाएगा. इसमें तेजस विमान (Tejas Fighter Jet) विकसित करने वाली हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), DRDO जैसी सरकारी कंपनियों के अलावा इस फील्ड में विशेषज्ञता रखने वाली ऐसी विदेशी कंपनियों को भी बुलाया जाएगा, जो पहले से फाइटर जेट बना रही हैं. हालांकि इन कंपनियों को भारत में अपनी नई कंपनी स्थापित करनी होगी. माना जा रहा है कि इससे रक्षा क्षेत्र के साथ ही कई अन्य उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके पैदा होंगे.
कैसा होता है स्टील्थ फाइटर जेट
स्टील्थ फाइटर जेट के पास रडार से बचने की क्षमता होती है. इसमें एडवांस वैपन सिस्टम लगे होते हैं और आधुनिक सेंसर लगे होते हैं, जो दुश्मन के फाइटर जेट के सिस्टम को जाम कर सकते हैं. इसकी स्पीड बहुत ज्यादा और निशाना सटीक होता है. रडार की पकड़ में नहीं आने के कारण यह फाइटर जेट चुपके से पहुंचकर दुश्मन को हमले से चौंकाने की क्षमता रखता है.
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