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Indian Air Force ने दिखाया दम, Ganga Expressway पर की 'टच एंड गो' ड्रिल, जानें कैसे रचा इतिहास, देखें Video

Pahalgam Attack: उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे पर शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी सड़क को इमरजेंसी हवाई पट्टी के तौर पर डेवलप किया गाय है. इस पर ही फाइटर जेट्स की ड्रिल शुरू हुई है, जो दिन के बाद रात में भी चलेगी.

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Indian Air Force ने दिखाया दम, Ganga Expressway पर की 'टच एंड गो' ड्रिल, जानें कैसे रचा इतिहास, देखें Video

Shahjahanpur में Ganga Expressway पर लैंड करता Indian Air Force का फाइटर जेट और एक्सप्रेसवे पर बनाई गई एयर स्ट्रिप. (फोटो-PTI)

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Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है. दोनों देशों के बीच किसी भी समय युद्ध शुरू होने की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में दोनों ही देशों की सेनाएं अपने हाथ खोलने के लिए अभ्यास में जुटी हुई हैं. इस बीच शुक्रवार को भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के पायलटों ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो पहले से ही भारतीय फाइटर जेट्स से खौफजदा पाकिस्तान को और ज्यादा डराने जा रहा है. भारतीय वायु सेना के फाइटर जेट्स ने उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) पर शुक्रवार को 'Land And Go' ड्रिल शुरू की है, जिसमें फाइटर जेट्स इस एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी कंडीशन में लैंड करने और यहां से टेकऑफ कर दुश्मन को नेस्तनाबूद करने की प्रैक्टिस कर रहे हैं. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो एक्सप्रेसवे के इस हिस्से को युद्ध की स्थिति में इमरजेंसी एयरबेस के तौर पर तब्दील करने की जांच की जा रही है. 

दिन और रात में लैंडिंग की सुविधा वाला देश का पहला एक्सप्रेसवे
भारतीय वायुसेना की यह ड्रिल शुक्रवार को दिन में पूरी तरह सफल रही है, जिसमें फाइटर जेट्स ने लैंड करने और फिर उड़ान भरने का प्रदर्शन किया है. शाहजहांपुर जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर खासतौर पर फाइटर जेट्स के लिए बनाई गई 3.5 किलोमीटर लंबी इस एयर स्ट्रिप पर वायुसेना की यह ड्रिल रात में भी जारी रहेगी. इस दौरान रात में इस एक्सप्रेसवे पर लैंड करके देखा जाएगा. इसके साथ ही दिन और रात में फाइटर जेट्स को लैंडिग और टेकऑफ की सुविधा देने वाला यह देश का पहला एक्सप्रेसवे बन जाएगा. इससे पहले उत्तर प्रदेश में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे (Lucknow-Agra Expressway) और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal expressway) पर भी वायुसेना ऐसी इमरजेंसी लैंडिंग ड्रिल्स कर चुकी है, लेकिन उन दोनों एक्सप्रेसवे पर यह डेटाइम ऑपरेशन था. पहली बार रात में किसी एक्सप्रेसवे पर लैंडिंग करने का कारनामा किया जा रहा है.

इन फाइटर जेट्स ने की शिरकत
वायुसेना की इस ड्रिल में राफेल (Rafale), सुखोई SU-30 MKI (Sukhoi SU-30 MKI), पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक (Balakot Air Strike) करने वाले मिराज-2000 (Mirage-2000), मिग-29 (MiG-29), जगुआर (Jaguar) फाइटर जेट्स ने शिरकत की है. इसके अलावा सी-130जे सुपर हर्क्यूलिस (C-130J Super Hercules), एएन-32 (AN-32) विमान भी इसका हिस्सा रहे हैं और एमआई-17 हेलिकॉप्टर (MI-17 V5 helicopter) भी ड्रिल में शामिल हुए हैं. ड्रिल के दौरान बेहद नीची उड़ान, लैंडिंग और टेक ऑफ टेस्ट किया गया है. दिन के बाद ये टेस्ट रात में भी किए जाएंगे.

सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं 250 CCTV कैमरे
शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे पर बनाई एयर स्ट्रिप पर सुरक्षा के लिए दोनों तरफ 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे 3.5 किलोमीटर लंबे इस स्ट्रैच पर हर पल का मूवमेंट रिकॉर्ड किया जा रहा है. भारतीय वायुसेना के पायलटों के इस कारनामे को देखने के लिए आसपास के बहुत सारे स्कूलों के स्टूडेंट्स और स्थानीय जनता एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाके में जुटी रही. उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों का मानना है कि इस ड्रिल से प्रदेश के सभी एक्सप्रेसवे की क्षमता भी सामने आई है, जिससे इनका इस्तेमाल इमरजेंसी के दौरान वैकल्पिक हवाई पट्टी के तौर पर करके IAF अपनी संचालन क्षमता को और ज्यादा मजबूत कर सकता है. दरअसल युद्ध के समय हमेशा एक-दूसरे के एयरबेस को निशाना बनाया जाता है, जिससे उनके रनवे को बेकार करके नीचे मौजूद फाइटर जेट्स को उड़ान भरने और हवा में मौजूद जेट्स को लैंड करने से रोका जा सके. लेकिन एक्सप्रेसवे की यह क्षमता ऐसी इमरजेंसी की स्थिति में काम आ सकती है.

जानिए यूपी के इस चौथे एक्सप्रेसवे की खासियत
मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाने वाला गंगा एक्सप्रेसवे अभी तक पूरा नहीं हुआ है, लेकिन उसका काम अपने अंतिम चरण में चल रहा है. इसका काम पूरा होते ही यह उत्तर प्रदेश का चौथा एक्सप्रेसवे बन जाएगा. चलिए आपको इस एक्सप्रेसवे की खासियत (Ganga Expressway Features) बताते हैं-

  • 594 किलोमीटर लंबा है मेरठ से प्रयागराज तक का गंगा एक्सप्रेसवे भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है.
  • अभी यह एक्सप्रेसवे छह लेन का बनाया गया है, लेकिन इसे बाद में 8 लेन तक बढ़ाने का प्लान है.
  • बदायूं से प्रयागराज तक के 464 किलोमीटर हिस्से का निर्माण अडानी ग्रुप कर रहा है.
  • एक्सप्रेसवे की चौड़ाई करीब 120 मीटर रखी गई है, जिस पर 19 जगह एग्जिट दिया गया है.
  • इस एक्सप्रेसवे को 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से वाहन दौड़ाने के लिए डिजाइन किया गया है.
  • एक्सप्रेसवे र गंगा नदी पर करीब 960 मीटर लंबा और रामगंगा पर 720 मीटर लंबा पुल बन रहा है.
  • 594 किलोमीटर के सफर में 9 जगह यात्री सुविधा परिसर बने हैं, जबकि 2 मेन टोल प्लाजा बनाए गए हैं.
  • 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, बदायूं, अमरोहा, संभल, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को जोड़ेगा.
  • एक्सप्रेसवे को 518 गांवों की 7453.12 हेक्टेयर जमीन लेकर बनाने में करीब 36,230 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च है.

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