भारत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "मुझे बताया गया है कि भारत अब रूस से तेल आयात नहीं करेगा. अगर यह सच है, तो यह एक अच्छा कदम होगा." लेकिन भारत सरकार का इम मसले पर क्या रुख है, चलिए जानें.
'मैंने सुना है कि भारत अब रूस से तेल आयात नहीं करेगा. अगर यह सच है, तो यह एक अच्छा कदम होगा,' ये बात कहकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से अपनी बात का खंडन करा लिया है. ट्रंप के बयान का मतलब था कि भारत ने उनकी इस धमकी के आगे घुटने टेक दिए हैं कि अगर वे रूस के साथ व्यापार जारी रखेंगे तो ऐसे देशों पर प्रतिबंध लगा दिए जाएंगे लेकिन शायद फिर से भारत-पाक वार रुकवाने के दावे की तरह ही ये दावा भी फुस्स हो गया है.
पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "मुझे जानकारी मिली है कि भारत अब रूस से तेल आयात नहीं करेगा. मुझे नहीं पता कि यह सच है या नहीं. लेकिन अगर यह सच है, तो यह एक अच्छा कदम होगा. देखते हैं क्या होता है."
इसके अलावा, उन्होंने हमेशा की तरह अपना असंतोष व्यक्त करते हुए कहा, "अमेरिका के भारत के साथ अच्छे व्यापारिक संबंध नहीं हैं. वे हम पर उच्च कर लगाते हैं. इसके अलावा, वे रूस से भारी मात्रा में हथियार खरीदते हैं. भारत और चीन ऐसा ऐसे समय में कर रहे हैं जब हर कोई चाहता है कि रूस यूक्रेन में युद्ध रोके."
शुक्रवार को ट्रंप ने भारत समेत 70 देशों से आयात पर कर आदेश पर हस्ताक्षर किए. इसके अनुसार, 7 अगस्त से अमेरिकी बाज़ार में प्रवेश के लिए भारतीय उत्पादों पर 25% टैरिफ़ देना होगा. ट्रंप ने धमकी भी दी है कि अगर भारत रूस से तेल और रक्षा उपकरण आयात करना जारी रखता है, तो वह अतिरिक्त जुर्माना लगाएंगे.
भारत ने स्पष्ट किया कि उसने रूस से तेल आयात बंद नहीं किया है
भारत सरकार के सूत्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान का खंडन किया है कि भारत रूस से तेल आयात करना बंद नहीं करेगा क्योंकि रूस से तेल खरीद के कारण ही वैश्विक ईंधन की कीमतें स्थिर हैं.
सूत्रों ने कहा, "ओपेक देशों द्वारा तेल उत्पादन में कटौती के परिणामस्वरूप भारत रूसी तेल को रियायती दरों पर खरीद रहा है. अगर ऐसा नहीं किया गया होता, तो वैश्विक ऊर्जा की कीमतें तेज़ी से बढ़ जातीं. हमने वैश्विक स्तर पर ज़िम्मेदारी से काम किया है."
इस बीच, विदेश मंत्रालय ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है, "हमें किसी भी भारतीय तेल कंपनी द्वारा रूसी आयात रोकने की जानकारी नहीं है. भारत की ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हितों और बाजार की ताकतों से प्रेरित है."
इस बीच, तेल रिफाइनरियों और तेल मंत्रालय ने रूसी तेल आयात के निलंबन के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
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