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भारत ने स्वदेशी हेलीकॉप्टर से किया 'Helina Missile' का सफल परीक्षण, लॉन्च होने के बाद भी बदल सकती है टारगेट

जैसलमेर के पोकरण फायरिंग रेंज में हुए परीक्षण में हेलिना मिसाइल ने सिमुलेटेड टैंक को नष्ट कर दिया. 

भारत ने स्वदेशी हेलीकॉप्टर से किया 'Helina Missile' का सफल परीक्षण, लॉन्च होने के बाद भी बदल सकती है टारगेट
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डीएनए हिंदीः भारत ने एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘हेलिना’ का स्वदेशी हेलीकॉप्टर से सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. यह दुनिया की सबसे उन्नत एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों (Anti Tank Guided Missile Helina) में से एक है. जैसलमेर के पोकरण फायरिंग रेंज में हुए परीक्षण में ‘हेलिना’ ने सिमुलेटेड टैंक को नष्ट कर दिया. हेलिकॉप्टर से लॉन्च की जाने वाली एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) ‘हेलिना’ इंडियन आर्मी और इंडियन एयरफोर्स को मिलने की उम्मीद है. इस मिसाइल की रेंज 7 किमी से अधिक है.  

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क्या है इस मिसाइल की खासियत
इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस लॉन्च करने के बाद भी इसका टारगेट बदला जा सकता है. इस मिसाइल को एक इन्फ्रारेड इमेजिंग सीकर से गाइड किया जाता है, जो लॉन्च से पहले लॉक ऑन मोड में काम करता है. इस मिसाइल का वजन 45 किलोग्राम के करीब है, इसकी लंबाई 6 फीट और व्यास 7.9 इंच है. हेलीकॉप्टर से लॉन्च की जाने वाली नाग मिसाइल की रेंज बढ़ाकर इसे ‘ध्रुवास्त्र हेलिना’ नाम दिया गया है. इस मिसाइल को एचएएल के रूद्र और लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टरों पर ट्विन-ट्यूब स्टब विंग-माउंटेड लॉन्चर से लॉन्च किया जाता है.  

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किसी भी समय और मौसम में कर सकती है हमला 
इस मिसाइल के अब तक तीन बार परीक्षण किए जा चुके हैं. सबसे पहले 13 जुलाई 2015 को इसका परीक्षण किया गया था. पहले किए गए परीक्षण में इस मिसाइल ने 7 किलोमीटर की दूरी पर 2 लक्ष्यों को मार गिराने में कामयाबी हासिल की थी. डीआरडीओ (Defense Research and Development Organization) के मुताबिक ध्रुवास्त्र हेलिना तीसरी पीढ़ी की ‘लॉन्च एंड फॉरगेट’ एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) है.  

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