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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और प्रमुख व्यवसायी गोपाल खेमका की शुक्रवार देर रात यानी 4 जुलाई को बिहार के पटना में उनके आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई. हत्या किस वजह से हुई? पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और प्रमुख व्यवसायी गोपाल खेमका की शुक्रवार देर रात यानी 4 जुलाई को बिहार के पटना में उनके आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई. मामले में दिलचस्प ये कि अब से ठीक 7 साल पहले यानी 2018 में उनके बेटे गुंजन खेमका की भी इसी तरह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
कौन थे गोपाल खेमका?
न्यूज़ 18 की एक रिपोर्ट पर नजर डालें तो मिलता है कि, गोपाल खेमका एक जाने-माने उद्योगपति थे, जिनके पास कई तरह के पद थे. बताया जाता है कि गोपाल खेमका मगध अस्पताल के पूर्व मालिक थे. इसके अलावा, पटना में उनकी कई दवा की दुकानें, एग्जीबिशन रोड पर एक पेट्रोल पंप और हाजीपुर में कई कारखाने थे.
एक शांत व्यक्तित्व वाले गोपाल खेमका को राजनीति और व्यापार जगत में एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में जाना जाता था.
बताते चलें कि उनका घर पटना के केंद्रीय इलाके में था. कई रिपोर्टों के अनुसार, जब हमला हुआ तब वह अकेले थे. इस बीच, पुलिस इलाके से सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और मामले की जांच कर रही है.
2018 में बेटे की गोली मारकर हुई थी हत्या
गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की दिसंबर 2018 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उस समय उनकी उम्र 37 साल थी और हाजीपुर में उनकी जी.के. कॉटन मिल फैक्ट्री के बाहर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. गुंजन भाजपा के नेता भी थे और पार्टी के बिहार उद्योग प्रकोष्ठ के संयोजक के रूप में काम कर रहे थे.