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'अगर ईरान के सर्वोच्च नेता को निशाना बनाया गया...', इराक के शीर्ष शिया धर्मगुरु ने अब क्या दे दी चेतावनी?

Iraq Threat: शिया धर्मगुरु अयातुल्ला अली सिस्तानी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस युद्ध को समाप्त करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम का शांतिपूर्ण समाधान खोजने का प्रयास करने का आग्रह किया.

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'अगर ईरान के सर्वोच्च नेता को निशाना बनाया गया...', इराक के शीर्ष शिया धर्मगुरु ने अब क्या दे दी चेतावनी?

ईरान-इजराइल युद्ध

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इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने पूरी दुनिया का ध्यान मध्य पूर्व की ओर खींचा है. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी और कहा कि अमेरिका जानता है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई कहां छिपे हैं. ट्रंप की चेतावनी के बाद खामेनेई ने भी अमेरिका को जवाब दिया है. इस बीच इराक के शीर्ष शिया धर्मगुरु अयातुल्ला अली सिस्तानी ने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी नेता को निशाना बनाया गया तो क्षेत्र में अराजकता फैल जाएगी.

एपी समाचार एजेंसी के अनुसार, गुरुवार को अयातुल्ला अली सिस्तानी ने खामेनेई की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक नेतृत्व को निशाना बनाया गया तो इसके भयंकर परिणाम होंगे. उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के लोगों की पीड़ा बढ़ेगी और सभी के हितों को गंभीर नुकसान पहुंचेगा. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस युद्ध को समाप्त करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम का शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए हर संभव प्रयास करने का आग्रह किया.

क्या है पूरा मामला 
 
अल-सिस्तानी को शिया मुसलमानों के बीच सर्वोच्च धार्मिक नेताओं में से एक माना जाता है. दुनिया भर में उनके अनुयायी हैं और भारत में ज़्यादातर शिया उन्हें अपना नेता मानते हैं. उन्हें सार्वजनिक रूप से बहुत कम देखा जाता है. 2014 में, उन्होंने इराकियों से एकजुट होने और ISIS के खिलाफ़ अपने देश की रक्षा करने का आग्रह किया था.

इराक में सद्दाम हुसैन की सरकार के साथ उनके रिश्ते अच्छे नहीं थे. बीबीसी के अनुसार, उन्हें लंबे समय तक घर में नज़रबंद रहना पड़ा, लेकिन वे राजनीति से दूर रहे. 2003 में उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका की पहल पर इराकी सरकार परिषद बनाने की योजना को अस्वीकार कर दिया.

ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी
 
इराक के शीर्ष शिया धर्मगुरु का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप ने कहा कि उन्हें पता है कि खामेनेई कहां छिपे हैं, लेकिन अमेरिका अभी उन पर हमला नहीं करेगा. ट्रंप को जवाब देते हुए खामेनेई ने कहा कि अगर अमेरिका इजरायल से लड़ने के लिए अपनी सेना भेजता है तो उसे इतना नुकसान होगा जिसकी वह कल्पना भी नहीं कर सकता.

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