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Hijab Row: फैसला देने वाले जजों को दी थी जान से मारने की धमकी, दो लोग हुए गिरफ्तार

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हिजाब को इस्लाम में अनिवार्य नहीं बताया था जिसके बाद तमिलनाडु में फैसले का काफी विरोध हुआ था.

Hijab Row: फैसला देने वाले जजों को दी थी जान से मारने की धमकी, दो लोग हुए गिरफ्तार
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डीएनए हिंदी: कर्नाटक से शुरू हुआ हिजाब विवाद (Hijab Conflict) अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है. याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के फैसले से असहमति जताते हुए फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. वहीं हाईकोर्ट के जिन जजों ने हिजाब विवाद में कर्नाटक सरकार (Karnataka Government) के कदम को सही बताया था उन जजों के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और उन्हें जान से मारने तक की बातें कहीं गईं.  जिसके बाद अब तमिलनाडु पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. 

तमिलनाडु पुलिस ने किया गिरफ्तार

वहीं पुलिस के मुताबिक एक आरोपी कोवई रहमतुल्लाह को तिरुनेलवेली में गिरफ्तार किया गया जबकि 44 वर्षीय एस जमाल मोहम्मद उस्मानी को तंजावुर में हिरासत में लिया गया है. गौरतलब है कि इन दोनों ने ही कर्नाटक हाईकोर्ट के जजों को जान से मारने की धमकी दी थी. वहीं इस मामले की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लिया है. 

हाईकोर्ट के  फैसले के खिलाफ तमिलनाडु में कई विरोध प्रदर्शन भी हुए. इनमें से तमिलनाडु के मदुरैई एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया में पर वायरल हो गया. इस वायरल वीडियो में तमिलनाडु तौहीद जमात (TNTJ) ऑडिटिंग कमेटी के सदस्य कोवई रहमतुल्लाह कथित तौर पर कहते दिखे कि झारखंड में मॉर्निंग वॉक के दौरान गलत फैसला देने वाले जज की हत्या कर दी गई है. उसने जज को अप्रत्यक्ष तौर पर धमकी देते हुए कहा कि हमारे समाज में कुछ लोग भावनाओं में बहके हुए हैं. उसने कहा कि अगर कर्नाटक के जजों के साथ कुछ होता है तो बीजेपी हम पर आरोप मढ़ने के लिए तैयार बैठी है.

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हिजाब विवाद पर दिया था ऐतिहासिक फैसला

गौरतलब है कि कर्नाटक हाई कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि हिजाब इस्लाम का अनिवार्य अभ्यास का हिस्सा नहीं है. इसलिए स्कूल में हिजाब पर पाबंदी उचित प्रतिबंध के अंतर्गत आता है.इस फैसले में कर्नाटक सरकार और स्कूलों को नियम बनाने की छूट दी गई थी. वहीं इस। फैसले के बाद ही तमिलनाडु में कई जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे.

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