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Gyanvapi Masjid Survey: आज सुबह 8 बजे से होगा सर्वे, चार घंटे तक होगी वीडियो और फोटोग्राफी

Gyanvapi Masjid Survey: अब से थोड़ी देर बात ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे का काम शुरू होगा. 17 मई तक इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी.

Gyanvapi Masjid Survey: आज सुबह 8 बजे से होगा सर्वे, चार घंटे तक होगी वीडियो और फोटोग्राफी
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डीएनए हिंदीः वाराणसी (Varanasi) के ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) में शनिवार यानी आज सुबह सुबह 8 बजे से फिर सर्वे होने वाला है. इस बार मस्जिद के अंदर भी सर्वे होना है. इसे लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है. सर्वे से पहले प्रशासन ने सभी पक्षों के साथ बैठक की. इसमें सर्वे को लेकर पूरा जानकारी सभी पक्षों को दी गई. सर्वे की रिपोर्ट 17 मई तक कोर्ट में पेश की जानी है. 

कोर्ट से नहीं मिली थी राहत
बता दें कि सर्वे का काम इससे पहले भी किया गया था. हालांकि तब मस्जिद के अंदर सर्वे करने से टीम को रोक दिया गया था. इसके बाद कोर्ट ने मस्जिद के अंदर भी सर्वे करने का सख्त आदेश दिया. सिविल कोर्ट के इस आदेश के बाद अंजुमन इंतेजामिया कमेटी सुप्रीम कोर्ट भी पहुंची लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली. ज्ञानवापी मस्जिद का मामला इसकी दीवार से सटे श्रृंगार गौरी मंदिर में पूजा की अनुमति को लेकर शुरु हुआ था. कोर्ट के फैसले के बाद ये तय हो गया है कि मस्जिद का तहखाना भी खुलेगा. कोर्ट के आदेश के मुताबिक चाभी नहीं मिली तो ताला तोड़कर वीडियोग्राफी होगी. मस्जिद के हर हिस्से में इतिहास को खंगाला जाएगा.

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दो अन्य सहायक कोर्ट कमिश्नर हुए नियुक्त
इस पर तीन दिन सुनवाई होने के बाद कोर्ट द्वारा 11 मई को फैसला सुरक्षित रखा गया था, जिसे 12 मई को सुनाया गया. जिसमें कोर्ट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा के साथ सहयोगी के रुप में दो अन्य लोगों के भी सर्वे के काम में कोर्ट कमिश्नर के सहयोग के लिए नियुक्त किया गया.

आदेश की बड़ी बातें  
कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कर दिया कि कमिश्नर कहीं भी फोटोग्राफी के लिए स्वतंत्र होंगे. मस्जिद के चप्पे-चप्पे की वीडियोग्राफी की जाएगी. आदेश में कहा गया कि सर्वे के दौरान वादी, प्रतिवादी, एडवोकेट, एडवोकेट कमिश्नर और उनके सहायक व सर्वे से संबंधित और कोई नहीं होगा. जिला प्रशासन ताले को खुलवाकर या ताले को तुड़वाकर भी सर्वे कराएगा. डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी मॉनिटरिंग करें. सर्वे पूरा कराने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर की होगी. जिला प्रशासन बहाना बनाकर सर्वे की कार्रवाई को टालने का प्रयास नहीं करेंगे.

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