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'जनता के पैसों से न बनवाएं कोई मूर्ति', नितिन गडकरी ने क्यों कहा?

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने कहा है कि सरकारी कोष से किसी भी मूर्ति का निर्माण नहीं होना चाहिए.

'जनता के पैसों से न बनवाएं कोई मूर्ति', नितिन गडकरी ने क्यों कहा?

Nitin Gadkari

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डीएनए हिंदी: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि वह सरकारी कोष का इस्तेमाल कर किसी भी प्रतिमा के निर्माण के खिलाफ हैं. नितिन गडकरी ने कहा कि लोग मुफ्त में दी गई चीजों का सम्मान नहीं करते. गडकरी नागपुर में राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के परिसर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के शिलान्यास समारोह में सभा को संबोधित कर रहे थे. 

नितिन गडकरी ने कहा, 'मैं उस समिति के कदम का स्वागत करता हूं जो लोगों के योगदान से प्रतिमा का निर्माण कर रही है. मुझे लगता है कि प्रतिमा लगाने के लिए सरकारी कोष का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. लोग मुफ्त में दी गई चीजों का सम्मान नहीं करते हैं.' 

नितिन गडकरी ने क्यों कही ये बात?

नितिन गडकरी ने कहा कि लोगों को काम का कुछ खर्च उठाना चाहिए, जिससे उन्हें सेवा के महत्व का एहसास हो. यह अच्छा है कि लाखों लोग आगे आए और समिति में योगदान दिया. शिवाजी महाराज के विचारों और शिक्षाओं को कश्मीर से कन्याकुमारी तक फैलाया जाना चाहिए.'

2015 में नागपुर में छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक समिति का गठन किया गया था. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस समिति द्वारा किए गए कार्यों के लिए 5 लाख रुपये दान करने की भी घोषणा की.

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'सरकारी कोष से पैसे लेने की जरूरत नहीं'

उन्होंने कहा, 'अगर कोई इस काम के लिए 11 रुपये या 51 रुपये दान करता है, तो भी इसे छत्रपति शिवाजी महाराज के कार्यों और शिक्षाओं के प्रति व्यक्ति के लगाव के रूप में देखा जाना चाहिए. नागपुर नगर निगम, नागपुर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट, महाराष्ट्र सरकार या आरटीएमएनयू से वित्तीय सहायता लेने की कोई जरूरत नहीं है.'

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