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इंदिरा गांधी अच्छी थीं या सोनिया गांधी? कांग्रेस के पुराने वफादार ने बताई अंदर की बात

Ghulam Nabi Azad Book: पूर्व कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद अपनी किताब को लेकर चर्चा में हैं. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं और पीएम मोदी की जमकर तारीफ की है.

इंदिरा गांधी अच्छी थीं या सोनिया गांधी? कांग्रेस के पुराने वफादार ने बताई अंदर की बात

Ghulam Nabi Azad compared Indira Gandhi and Sonia Gandhi Leadership

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डीएनए हिंदी: जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आज़ाद पार्टी के मुखिया गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने एक बार फिर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) और सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) की नेतृत्व क्षमता की तुलना करते हुए सोनिया पर सवाल उठाए हैं. गांधी परिवार के वफादार रहे आजाद ने कहा है कि कांग्रेस में कामकाज का तरीका बदल गया है और शीर्ष नेताओं तक पार्टी के नेताओं की पहुंच नहीं है. आजाद ने इस दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को भी निशाने पर लिया है.

गुलाम नबी आजाद ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी की तारीफ की थी. उन्होंने यह तक कहा था कि प्रधानमंत्री ने विपक्षी होने के बावजूद उनके साथ कभी बदले की भावना से कोई काम नहीं किया. आजाद ने कांग्रेस पार्टी के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए बताया है कि पार्टी में 'नियुक्ति संस्कृति' वाले मॉडल पर चल रही है.

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इंदिरा और सोनिया गांधी में की तुलना

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि आज के वक्त में पार्टी में बस नियुक्तियां कर दी जाती हैं. उनका आरोप हैं कि अब गंभीर मुद्दों पर भी लापरवाही की जाती है. उन्होने कहा कि आज के वक्त में पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया से नियुक्तियों की परंपरा छोड़ दी है. केवल एक दो नेताओं के पास ही सारी जिम्मेदारी है. आजाद ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए उस समय को याद किया जब उन्हें युवा कांग्रेस अध्यक्ष बनाकर इंदिरा ने उन्हें अपने साथ काम करने का मौका दिया था.

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इंदिरा गांधी थीं सबसे ज्यादा लोकतांत्रिक 

इंदिरा गांधी की तानाशाह छवि को लेकर आजाद ने कहा कि यह बिल्कुल गलत तथ्य है. उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी की लीडरशिप काफी लोकतांत्रिक थी और वह सबसे ज्यादा लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली नेता थीं. उन्होंने कहा कि उस समय में उनकी पहुंच इंदिरा गांधी तक थी लेकिन आज के समय में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता तक सोनिया गांधी से नहीं मिल पाते हैं. 

हिमंत को राहुल ने नहीं दिया महत्व

इस दौरान राहुल गांधी पर भी गुलाम नबी आजाद ने हमला बोला. उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने से पहले हिमंत बिस्व सरमा राहुल गांधी से मिलने आए थे और उन्होंने राहुल के सामने शिकायतें रखी थीं जिस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. आजाद ने कहा कि राहुल ने हिमंत के मामले को गंभीरता से नहीं लिया और जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो राहुल ने कहा कि हिमंत को जाने दो. 

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लंबा है गुलाम नबी आजाद का करियर

बता दें कि गुलाम नबीआजाद कांग्रेस में लंबे वक्त तक दिग्गज नेता रहे हैं. उन्होंने इंदिरा, राजीव, सोनिया और राहुल सभी के साथ पार्टी में काम किया है. जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम रहने के साथ ही वह लंबे वक्त तक कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद भी रहे. आखिरी कार्यकाल के दौरान उनके पार्टी आलाकमान से मतभेद हुए थे जिसके चलते पिछले साल उन्होंने कांग्रेस छोड़ कर नई पार्टी बना ली थी. उन्हें मोदी सरकार ने पद्म भूषण देने का ऐलान भी किया था. 

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