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गाजीपुर लैंडफिल में 28 मार्च से आग लगी हुई है. आग पर अभी तक काबू नहीं पाया जा सका है. आग किस वजह से लगी यह अभी स्पष्ट नहीं है.
डीएनए हिंदीः पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में लैंडफिल साइट पर सोमवार को लगी भीषण आग को बुझाने का काम अब भी जारी है. घटना के 48 घंटे बाद भी कुछ-कुछ स्थानों पर आग लगी हुई है. दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि दमकल की दो गाड़ियां अब भी मौके पर मौजूद हैं. अधिकारी ने बताया कि किसी के हताहत होने की अभी तक कोई खबर नहीं है. उन्होंने कहा, "आग पर काबू पाने का काम अब भी जारी है और आग पर काबू पाने में अभी कुछ और समय लग सकता है."
दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR
दिल्ली पुलिस ने आग लगने की घटना के संबंध में एक FIR दर्ज की है. पुलिस उपायुक्त (पूर्व) प्रियंका कश्यप ने मंगलवार को बताया, ‘‘भारतीय दंड संहिता की धारा 278 (स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वातावरण बनाना), 285 (आग या ज्वलनशील पदार्थ के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण) और 336 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है."
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दमकल विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस साल रविवार तक विभिन्न लैंडफिल साइट पर आग लगने की कुल चार घटनाएं हुईं हैं. पिछले साल इसी अवधि में आग लगने की 16 घटनाएं हुईं थी. इन 16 में से 12 घटनाएं भलस्वा में और चार गाजीपुर में हुई थीं. वहीं, 2020 में 15 और 2019 में ऐसी 37 घटनाएं हुईं थी.
गोपाल राय ने EDMC पर 50 लाख का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दो दिन पहले गाजीपुर लैंडफिल साइट पर आग के लिए बुधवार को डीपीसीसी को ईडीएमसी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाने और घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
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गोपाल राय ने कहा कि लैंडफिल साइट पर खुले में कूड़ा जलाने और आग लगने की घटनाओं को रोकने की योजना बनाने का भी निर्णय लिया गया है. मंत्री ने कहा, ''हमने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) से एक तथ्य-खोज रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा था. उन्होंने आज एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की है जो नगर निगम की ओर से लापरवाही की ओर इशारा करती है.''
रिपोर्ट में क्या आया सामने
उन्होंने कहा, ''रिपोर्ट में साइट पर पुराने कचरे के बायोमाइनिंग की धीमी गति के बारे में बताया गया है. वहां 25 के बजाय केवल 21 ट्रॉमेल का उपयोग किया जा रहा है.'' उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर तैनात धुआं रोधी गन काम नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि इस तरह की आग की घटनाओं पर नजर रखने के लिए वहां लगे 24 सीसीटीवी कैमरों में से केवल 17 ही काम कर रहे हैं.
मंत्री ने कहा कि लैंडफिल पर अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोकने के लिए चारदीवारी का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, ''इन कमियों को देखते हुए डीपीसीसी को नगर निगम पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है.''
#WATCH Smoke continues to rise from the Ghazipur landfill, which has been burning since Monday, 28 March#Delhi pic.twitter.com/MSJroRF9ea
— ANI (@ANI) March 30, 2022
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