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Jaipuria School के साथ चल रहे फीस विवाद में पेरेंट्स की शिकायत के बाद जिला शुल्क नियामक समिति (DFRC) ने सुनवाई की थी, जिसने स्कूल के पक्ष में निर्णय दिया था. इसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पेरेंट्स को नए सिरे से केस दाखिल करने के लिए कहा था.
Ghaziabad News: गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल (Jaipuria School) की फीस के विवाद में नया मोड़ आया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) के आदेश के बाद स्कूल के खिला दाखिल याचिका को पेरेंट्स ने वापस ले लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में जिला शुल्क नियामक समिति (DFRC) की तरफ से स्कूल के पक्ष में निर्णय देने के बाद पेरेंट्स ने यह कदम उठाया है. अब सभी पेरेंट्स मिलकर हाई कोर्ट के सामने नए सिरे से याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं, जो DFRC के फैसले पर आधारित होगी. उधर, स्कूल प्रबंधन का दावा है कि पेरेंट्स की नाराजगी घट रही है. पहले 172 पेरेंट्स नाराज थे, लेकिन यह संख्या अब घटकर 105 पर आ गई है.
DFRC के आदेश को चुनौती देने के लिए वापस ली याचिका
जिले में स्कूलों की फीस तय करने के लिए जिला शुल्क नियामक समिति ही सबसे बड़ी अथॉरिटी होती है. DFRC का निर्णय स्कूल के पक्ष में आने के बाद पेरेंट्स की तरफ से फीस बढ़ोतरी के खिलाफ दाखिल याचिका की कानूनी वैधता नहीं रही थी. इसके चलते इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर पेरेंट्स ने स्कूल के खिलाफ दाखिल याचिका वापस ले ली है. अब उन्हें डीएफआरसी के फैसले को विधिक चुनौती देना आवश्यक है. हाई कोर्ट के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए पेरेंट्स अब नए सिरे से याचिका दाखिल करेंगे.
एसीपी ऑफिस में जमा कराया लिखित बयान
सभी 35 पेरेंट्स ने इस मामले में अपना लिखित बयान इंदिरापुरम स्थिति एसीपी कार्यालय में जमा करा दिया है. उन्होंने सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल में बच्चों के हित के खिलाफ हो रहे विवादों की जानकारी दी. वहीं स्कूल प्रबंधन का कहना है कि डीएफआरसी पहले ही अभिभावकों की शिकायत कर चुकी है. डीएफआरसी के फैसले का विरोध करते हुए अभिभावकों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.
स्कूल ने पेरेंट्स से किया था अनुरोध
21 अप्रैल को सुनवाई में कोर्ट ने पेरेंट्स को डीएफआरसी नोट का अध्ययन करने का मौका दिया था, जिसके बाद पेरेंट्स ने रिट याचिका वापस लेने का फैसला किया. स्कूल प्रबंधन ने पेरेंट्स से संपर्क कर इस पूरे विवाद पर चर्चा करने और इसे सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने का अनुरोध किया है.
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