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Shocking News: सोने-चांदी के लालच में Jaipur में दर्दनाक हादसा, ज्वैलरी कंपनी के सेप्टिक टैंक में उतारे यूपी के 8 मजदूर, 4 की मौत

Shocking News: जयपुर के सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया में यह हादसा हुआ है. जिंदा बचे चार मजदूरों में से भी दो की हालत गंभीर है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

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Shocking News: सोने-चांदी के लालच में Jaipur में दर्दनाक हादसा, ज्वैलरी कंपनी के सेप्टिक टैंक में उतारे यूपी के 8 मजदूर, 4 की मौत

Jaipur में सेप्टिक टैंक का शिकार बने सफाई मजदूर. इस हादसे में 4 मजदूरों की मौत हो गई है.

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Shocking News: राजस्थान के जयपुर में सोने-चांदी के लालच में एक बड़ा हादसा हो गया है. एक ज्वेलरी कंपनी के सेप्टिक टैंक के अंदर सोना-चांदी तलाशने के लिए 8 मजदूर उतार दिए गए. सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया के ज्वैलरी जोन की एक कंपनी के सेप्टिक टैंक में उतारे मजदूरों में से 4 की दम घुटने से मौत हो गई. सोमवार देर रात हुई इस घटना में जहरीली गैस के कारण बाकी 4 में से भी 2 मजदूर बेहोश हो गए, जबकि 2 मजदूर किसी तरह बाहर आ गए. बेहोश मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. मरने वाले युवक उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर और सुल्तानपुर जिलों के निवासी बताए गए हैं. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

सेप्टिक टैंक से निकाले जाते हैं सोने-चांदी के कण
जयपुर के सांगानेर सदर थाना इलाके में सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया है, जिसके जी-ब्लॉक स्थित ज्वैलरी जोन की कंपनियों में सोने-चांदी के आभूषण बनाए जाते हैं. सोने-चांदी के जेवरों की ढलाई होने के बाद उन्हें केमिकल से साफ किया जाता है. इससे सोने-चांदी के कण भी ज्वैलरी के ऊपर से उतरते हैं. ये कण केमिकल के साथ ही सेप्टिक टैंक में चले जाते हैं. इन कणों को सेप्टिक टैंक से निकालकर सोना-चांदी रिकवर की जाती है. इसके लिए मजदूर सेप्टिक टैंक में उतारकर उसकी सफाई कराई जाती है.

सोमवार को दिन में सफाई करने से किया था इंकार
ज्वेलरी जोन की कंपनी अचल ज्वैल्स प्राइवेट लिमिटेड में यह हादसा हुआ है. यह कंपनी जयपुर के ही बापू नगर निवासी अरुण कुमार कोठारी की बताई गई है, जिसमें ज्वैलरी बनाकर विदेश में एक्सपोर्ट की जाती है. जानकारी के मुताबिक, सोमवार को दिन में कंपनी के 10 फीट गहरे सेप्टिक टैंक में सफाई कर्मचारियों ने धूप के कारण उतरने से इंकार कर दिया था. रात में करीब 8.30 बजे अतिरिक्त पैसे के लालच में 8 मजदूर टैंक में उतरने को तैयार हो गए. टैंक में उतरने के बाद जहरीली गैस के कारण दम घुटने से छह मजदूर बेहोश हो गए. दो मजदूरों के समय रहते बाहर निकल आने से उनकी जान बच गई. 

1 घंटे बाद दी गई पुलिस को सूचना
कंपनी में से किसी ने करीब 1 घंटे बाद पुलिस कंट्रोलरूम को  घटना की जानकारी दी. इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और टैंक के अंदर से बेहोश मजदूरों को निकलवाया. पुलिस टीम ने बेहोश मजदूरों को महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां 4 मजदूरों को मृत घोषित कर दिया. दो अन्य सफाई कर्मचारियों को भी प्राथमिक चिकित्सा दी गई है. मृत मजदूरों की पहचान संजीव, हिमांशु, रोहित और अर्पित के तौर पर हुई है, जो उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर जिलों के निवासी बताए गए हैं. अचेत अवस्था में अजय चौहान और राजपाल को RUHS अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज जारी है. 

FSL टीम ने जुटाए मौके से सबूत
सांगानेर सदर थाना पुलिस के साथ FSL टीम भी मौके पर पहुंची थी. फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं. हालांकि अब तक हादसे का कारण बनी गैस की जानकारी नहीं मिल सकी है. ADM साउथ, SDM सांगानेर और तहसीलदार ने भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है. इस मामले में अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार (आज) लापरवाही तय करने के बाद एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी.

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