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Justice Jagdish Singh Khehar को पद्म विभूषण, तीन तलाक, केरल लव जिहास समेत इन मामलों में दिए ऐतिहासिक फैसले 

Justice Jagdish Singh Khehar Profile: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस जे.एस. खेहर को पद्म विभूषण सम्मान देने की घोषणा की गई है. जस्टिस खेहर ने अपने लंबे करियर में कई अहम फैसले दिए थे. 

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Justice Jagdish Singh Khehar को पद्म विभूषण, तीन तलाक, केरल लव जिहास समेत इन मामलों में दिए ऐतिहासिक फैसले 

जस्टिस जे.एस. खेहर

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सु्प्रीम कोर्ट के पूर्व प्रधान न्यायधीश जस्टिस जगदीश सिंह खेहर (Justice Jagdish Singh Khehar) को पद्म विभूषण देने की घोषणा की गई है. जस्टिस खेहर ने तीन तलाक, केरल लव जिहाद जैसे कई ऐतिहासिक फैसले दिए थे. न्यायिक क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया है. जस्टिस खेहर ने बतौर वकील भी लंबे समय तक काम किया था. वह सिख समुदाय से आने वाले देश के पहले चीफ जस्टिस हैं.  देश के 44वें सीजेआई के तौर पर भी उन्होंने अपनी सेवाएं दीं. जस्टिस खेहर को सख्त फैसले देने वाले जज के तौर पर जाना जाता था. हालांकि, न्यायिक हलके में वह अपने नर्म और संवेदनशील मिजाज के लिए जाने जाते थे. जानें उनके दिए अहम फैसले. 

जस्टिस खेहर के दिए अहम फैसले 
जस्टिस खेहर सितंबर 2011 में सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे और  4 जनवरी 2017 से 27 अगस्त 2017 तक भारत के मुख्य न्यायाधीश रहे.  22 अगस्त 2017 को उनकी अध्यक्षता वाली बेंच ने एक साथ 3 तलाक को असंवैधानिक करार दिया था. उन्होंने इस फैसले के दौरान अहम टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह महिलाओं की गरिमा और विवाह संस्था में विश्वास को ठेस पहुंचाने वाली प्रक्रिया है. 16 अगस्त 2017 को उन्होंने केरल लव जिहाद केस की जांच NIA को सौंपी थी और इसे गंभीर प्रश्न कहा था. 24 अगस्त 2017 को उनकी अध्यक्षता वाली 9 जजों की बेंच ने निजता को मौलिक अधिकार का दर्जा दिया था.


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जस्टिस खेहर का करियर 
जस्टिस खेहर का जन्म 28 अगस्त 1952 को केन्या के नैरोबी में हुआ था. बाद में उनका परिवार पंजाब वापस लौट गया. उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई की. एलएलएम में वह टॉपर रहे थे और गोल्ड मेडल भी मिला था. इसके बाद उन्होंने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में बतौर वकील प्रैक्टिस की और 2 दशक से ज्यादा वक्त तक बतौर वकील अपनी सेवाएं दीं. साल 1999 में उन्हें पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट का जज बनाया गया था और फिर वह देश के चीफ जस्टिस भी बने.


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