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Shocking News: फरीदाबाद के सेक्टर-88 में हुई इस घटना के लिए सोसाइटी निवासी मेंटिनेंस टीम को जिम्मेदारी ठहरा रहे हैं, जिसने बार-बार कहने पर भी कमजोर पड़ चुकी स्काईवॉक की मरम्मत नहीं कराई है. पुलिस ने धारा 194 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है.
Shocking News: दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद शहर में खराब मेंटिनेंस के चलते स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) के रिटायर्ड मैनेजर की मौत हो गई है. 66 वर्षीय पूर्व SBI मैनेजर खुलवंत सिंह सोसाइटी में दो टॉवर को जोड़ने वाली स्काईवॉक पर प्लांट्स में पानी दे रहे थे. इसी दौरान स्काईवॉक के जिस पत्थर पर वे खड़े थे, वो अचानक निकलकर नीचे गिर गया. पत्थर के साथ ही खुलवंत सिंह भी 14वें फ्लोर से नीचे आकर जमीन पर गिरे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. सोसाइटी निवासियों ने इस घटना के लिए मेंटिनेंस टीम को जिम्मेदार ठहराया है, जो बार-बार कहे जाने पर भी कमजोर पड़ चुकी स्काईवॉक का जीर्णोद्धार नहीं करा रही थी. फरीदाबाद पुलिस ने इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 (अप्राकृतिक मौत) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है.
50 मीटर नीचे गिरे बैंक मैनेजर
सेक्टर-88 की आरपीएस सवाना रेजीडेंशियल सोसाइटी में 14वें फ्लोर पर रिटायर्ड एसबीआई बैंक मैनेजर खुलवंस सिंह अपने इकलौते बेटे के साथ रह रहे थे. उनकी पत्नी की कुछ साल पहले मौत हो गई थी. उन्होंने दो टॉवरों को जोड़ने वाली स्काईवॉक पर गमलों में पौधे लगा रखे थे. मंगलवार सुबह करीब 8 बजे वे पौधों में पानी दे रहे थे. इसी दौरान अचानक उनके नीचे के पैर का स्लैब निकलकर 50 मीटर नीचे जमीन पर जा गिरा. स्लैब के साथ ही सिंह भी नीचे गिर गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. सोसाइटी निवासी बेहद तेज आवाज सुनने पर बाहर आए और सिंह को मृत देखकर पुलिस को सूचना दी. पुलिस और फायर ब्रिगेड तत्काल मौके पर पहुंची और स्काईवॉक के नीचे का एरिया सील कर दिया.
प्राथमिक जांच में स्काईवॉक का खराब मेंटिनेंस माना गया जिम्मेदार
पुलिस ने सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल में भेज दिया. प्राथमिक जांच में खराब मेंटिनेंस के कारण स्काईवॉक के कमजोर हो जाने को घटना का कारण माना गया है. सोसाइटी निवासियों का कहना है कि इस बारे में कई बार रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को बताया गया था, लेकिन इसकी मरम्मत नहीं कराई गई.
बंद कर रखी स्काईवॉक, फिर भी जाते थे उस पर सिंह
BPTP पुलिस स्टेशन के SHO इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने Indian Express से बताया कि स्काईवॉक का मतलब फायर एस्केप होता है, जिसका उपयोग एक टॉवर में आग लगने पर बचाव के लिए दूसरे टॉवर में जाने के लिए किया जाता है. बताया गया है कि स्काईवॉक को बंद कर रखा था, लेकिन मृतक ने वहां फिर भी प्लांट्स लगा रखे थे और उन्हें पानी देने के लिए जाते थे. इससे ढांचा और ज्यादा कमजोर हो गया था. डेवलपर की तरफ से निर्माण के दौरान और RWA द्वारा मेंटिनेंस के दौरान दिखाई गई लापरवाही की भी जांच की जा रही है.
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