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दिल्ली पुलिस ने भ्रामक ट्वीट पर एक्शन लेते हुए दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की ली है. केस की जांच जारी है.
डीएनए हिंदी: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने एक फर्जी वीडियो (Fake Video) को वायरल करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है जिसमें दावा किया गया था कि सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (Cabinet) की बैठक में सिखों को भारतीय सेना (India) से हटाने पर चर्चा हुई थी.
दिल्ली पुलिस के डीसीपी (Cyber Crime Unit) केपीएस मल्होत्रा (KPS Malhotra) ने कहा कि सोशल मीडिया (Social Media) मॉनिटरिंग के दौरान उनकी यूनिट ने देखा कि सोशल मीडिया पर दो ट्वीट वायरल हो रहे थे, जिसमें यह प्रचार किया जा रहा था कि केंद्र सिख समुदाय के खिलाफ फैसले ले रहा है.
केपीएस मल्होत्रा ने वायरल ट्वीट पर कहा, 'वायरल वीडियो की जांच की गई. यह पाया गया कि वीडियो से छेड़छाड़ की गई थी. वीडियो को 550 मिलियन से अधिक बार देखा जा चुका है.
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने भी ट्वीट का खंडन किया है. पीआईबी की फैक्ट टीम ने कहा, 'एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसे यह कहते हुए शेयर किया गया है कि सिखों को सेना से हटाने पर कैबिनेट बैठक हुई है. ऐसी कोई बैठक नहीं हुई थी. दावा गलत है.'
A tweet referring to a viral video claim that in a #Cabinet Committee meeting on Security, there was a call for the removal of Sikhs from the Indian Army.#PIBFactCheck
▶️ The claim is #Fake
▶️ No such discussion/meeting has taken place pic.twitter.com/ESec0ALjr3— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) January 7, 2022
क्या थी सच्चाई?
डीसीपी केपीएस मल्होत्रा ने कहा है कि दरअसल वीडियो उस दिन शूट किया गया था जब एक उच्च-स्तरीय समिति (High Level Committee) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat) के निधन के बारे में जानकारी दे रही. 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु में नीलगिरी पहाड़ियों के पास हेलीकॉप्टर क्रैश होने से उनकी मौत हो गई थी. दिल्ली पुलिस ने इस प्रकरण में केस दर्ज किया है और जांच शुरू की है.