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EVM डाटा पर 'सुप्रीम' ताला, टॉप कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा- कुछ भी डिलीट मत करना

EVM Data Verification Plea: सुप्रीम कोर्ट ईवीएम वेरीफिकेशन को लेकर एक याचिका पर सुनवाई कर रही है. इस मामले में टॉप कोर्ट ने चुनाव आयोग को स्टैंडर्ड प्रोसिजर बताने का आदेश दिया है.

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EVM डाटा पर 'सुप्रीम' ताला, टॉप कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा- कुछ भी डिलीट मत करना
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EVM Data Verification Plea: देश में लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनावों तक में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) लगातार विपक्षी दलों के निशाने पर रही है. हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में अप्रत्याशित हार के बाद कांग्रेस ने तो बाकायदा ईवीएम से लेकर वोटर लिस्ट तक में छेड़छाड़ का मुद्दा उठा रखा है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को एक ऐसा आदेश दिया है, जो भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) को असहज कर सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम वेरीफिकेशन से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को ECI को फटकार लगाई है. साथ ही उसे साफतौर पर कहा है कि ईवीएम में दर्ज डाटा को किसी भी स्थिति में फिलहाल डिलीट या रिलोड नहीं किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने ECI को दो सप्ताह के अंदर ईवीएम वेरीफिकेशन के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (SOP) के बारे में अपना जवाब दाखिल करने का आदेश भी दिया है.

15 दिन बाद फिर से सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना (CJI Justice Sanjiv Khanna) की बेंच ने मंगलवार को एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की याचिका पर सुनवाई की. इस याचिका में चुनाव आयोग को ईवीएम की बर्न्ट मेमोरी के सत्यापन का स्पष्ट प्रोटोकॉल बनाने का आदेश देने की मांग की गई है. सीजेआई खन्ना ने इस सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग को सख्त लहजे में आदेश देते हुए कहा,'ईवीएम से कोई डाटा मिटाया नहीं जाएगा और न ही उसमें नया डाटा लोड किया जाएगा.' चीफ जस्टिस ने कहा,'15 दिन के बाद हम दोबारा सुनवाई रखेंगे. कृपया तब तक अपना जवाब दाखिल करें. तब तक डाटा मिटाएं नहीं, जिसे जांच करनी है, उसे करने दीजिए.' हालांकि टॉप कोर्ट ने अगली सुनवाई 17 मार्च को रखी है.

'यदि कोई हारा हुआ कैंडिडेट स्पष्टीकरण चाहता है तो उसे लेने दीजिए'
चीफ जस्टिस ने चुनाव आयोग से सुप्रीम कोर्ट को चुनाव के बाद उस प्रोसेस के बारे में जानकारी देने के लिए कहा है, जिसमें EVM की मेमोरी और माइक्रोकंट्रोलर को बर्न यानी दोबारा क्लीन किया जाता है. चीफ जस्टिस ने कहा,'यह बिल्कुल बुरा नहीं है. यदि कोई हारा हुआ कैंडिडेट स्पष्टीकरण चाहता है तो इंजीनियर उसे यह स्पष्ट कर सकते हैं कि ईवीएम में कोई टैंपरिंग नहीं हुई है.' दरअसल टॉप कोर्ट को यह कहा गया था कि ईवीएम का ऑरिजनल डाटा क्लीन करने के लिए भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड (BEL) के इंजीनियरों को उसमें डमी सिंबल और डाटा अपलोड करना होता है. चीफ जस्टिस खन्ना ने चुनाव आयोग से सवाल किया कि डाटा क्लियर क्यों किया गया और उसे यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ईवीएम डाटा डिलीट नहीं किया जाएगा.

ADR और कांग्रेस ने उठाए हैं सवाल
सुप्रीम कोर्ट में ADR, हरियाणा और कांग्रेस नेताओं के एक ग्रुप ने याचिका दाखिल कर रखी है. इन्हीं याचिकाओं पर सुनवाई की गई. इन याचिकाओं में ईवीएम को लेकर सवाल उठाए गए हैं. याचिका में कहा गया कि मतगणना के बाद ईवीएम डाटा हटाने के बजाय इसे सेव करके रखना चाहिए ताकि इसका कभी भी जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल हो सके.

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