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शादी के लिए उम्र नहीं बनी बाधा, 85 साल की उम्र के लोगों को भी यहां मिला Partner

इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश, गुजरात, कोलकाता, हरियाणा, मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली, पंजाब, उत्तरांचल सहित अन्य शहरों के कुल 100 लोगों मे भाग लिया.

शादी के लिए उम्र नहीं बनी बाधा, 85 साल की उम्र के लोगों को भी यहां मिला Partner
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डीएनए हिंदी: साहिबाबाद स्थित इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिग कॉलेज में बीते रविवार को पहली बार 50 साल से अधिक आयु के विधुर, विधवा, तलाकशुदा, अविवाहित महिला-पुरुष के लिए सीनियर सिटीजन जीवन साथी परिचय सम्मेलन हुआ. इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए करीब 100 लोगों ने हिस्सा लिया. इनमें 50 से 85 साल तक के 80 पुरुष और 20 महिलाएं थीं.  इस दौरान जहां गुजरात निवासी एक जोड़े का रिश्ता पक्का हुआ, वहीं कुछ लोगों ने एक-दूजे को समझने के लिए मोबाइल नंबर भी साझा किए. जिले में ऐसा पहला सम्मेलन हुआ तो लोगों ने भी इसकी खूब सराहना की है.

जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश, गुजरात, कोलकाता, हरियाणा, मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली, पंजाब, उत्तरांचल सहित अन्य शहरों के कुल 100 लोगों मे भाग लिया. इसमें पुरुष में अधिकतम आयु 80 साल और महिला बुजुर्ग की अधिकतम आयु 76 वर्ष रही. 

दोपहर 12 बजे परिचय सम्मेलन शुरू हुआ. इस दौरान इसमें हिस्सा लेने पहुंचे लोगों से फार्म भरवाया गया जिसमें उनकी उम्र, वेतन, परिवार, संपत्ति, कारोबार, नौकरी, बीमारी आदि के बारे में लिखवाया गया. इसके बाद  पांच-पांच महिला और पुरुषों को मंच पर बुलाकर उनकी प्रोफाइल बताई गई. महिला-पुरुष ने एक-दूजे के पास बैठकर जानकारी साझा की. साथ ही अपनी परेशानियों पर खुलकर जिक्र किया. 

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बता दें कि इस सम्मेलन में डॉक्टर से लेकर रिटायर्ड पुलिस अफसर तक अपना जीवन साथी चुनने पहुंचे. कार्यक्रम में मेरठ के रहने वाले 80 वर्षीय हरिश चंद्र बंसल को तीन बुजुर्ग महिलाएं पसंद आई. कार्यक्रम में उनकी तीनों महिलाओं से बात हुई. सभी जानकारी करने के बाद महिलाओं ने रिश्ते से न कह दिया. हरिश चंद्र बंसल का कहना है कि उनके पांच बेटी और दो बेटे हैं, सभी की शादी हो गई है. गांव में अकेले रहते हैं इस कारण यह निर्णय लिया. 

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