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ED ने एलायंस यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति मधुकर अंगुर को किया गिरफ्तार, ये हैं आरोप

ईडी ने एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी.

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ED ने एलायंस यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति मधुकर अंगुर को किया गिरफ्तार, ये हैं आरोप

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डीएनए हिंदी: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एलायंस यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के पूर्व-कुलपति मधुकर जी अंगुर को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है. उनपर यूनिवर्सिटी फंड के 107 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है. प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को कहा कि उसने लगभग 4500 छात्रों के पैसों की धोखाधड़ी कर विश्वविद्यालय में हेराफेरी की.

इससे पहले, अंगुर के खिलाफ बेंगलुरु पुलिस द्वारा भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे. ईडी ने इन एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी. ईडी ने पाया कि अंगुर विभिन्न तरीकों से मनी लॉन्ड्रिंग में कथित रूप से शामिल था. मधुकर अंगुर, प्रियंका बी.एस. और रवि कुमार तीनों आरोपी 2016 और 2017 के बीच एलायंस यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के परिसर में मौजूद थे.

इस दौरान मधुकर अंगूर व अन्य ने छात्रों के माता-पिता को ईमेल और फिजिकल नोटिस भेजकर एलायंस विश्वविद्यालय के आधिकारिक खातों में फीस जमा नहीं करने की सूचना दी थी. उन्होंने इसके बजाय माता-पिता से अपने बच्चों की फीस अवैध रूप से खोले गए बैंक खातों में जमा करने को कहा. ये खाते मधुकर अंगुर और अन्य आरोपियों सहित श्रीवारी एजुकेशनल सर्विसेज के नाम पर खोले गए थे.

इस तरह लगभग 4,500 छात्रों के माता-पिता को अवैध रूप से खोले गए बैंक खातों में फीस जमा करने के लिए राजी किया गया. उनके पास इससे 107 करोड़ रुपये की राशि जमा हो गई. मधुकर अंगुर और अन्य ने ट्यूशन फीस, छात्रावास शुल्क और अन्य के नाम पर इसे जमा किया था.

आरोपी को शनिवार को बेंगलुरु में माननीय सिटी सिविल और सत्र न्यायाधीश और पीएमएलए मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया था. ईडी ने आरोपी की न्यायिक हिरासत की मांग की. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इसकी इजाजत दे दी. अदालत ने उसे सात दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

शिक्षा संस्थानों में हेराफेरी के मामले में पिछले दिनों में यह दूसरी कार्रवाई है. उल्लेखनीय है कि हाल ही सीबीआई ने अशोका विश्वविद्यालय के सह-संस्थापक प्रणव गुप्ता और विनीत गुप्ता पर चंडीगढ़ स्थित दवा कंपनी पैराबॉलिक ड्रग्स से जुड़े 1,626 करोड़ रुपये की कथित ठगी का आरोप लगाया है.

कंपनी पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और 11 अन्य बैंकों को धोखा देने का आरोप है. सीबीआई ने प्रणव गुप्ता, विनीत गुप्ता और 10 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है. 31 दिसंबर को कई शहरों में गुप्ता बंधुओं के ​ठिकानों पर छापा मारा गया था.

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