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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव से दो दिन पहले 2 छात्र संगठन के पीछ झड़प की खबर है और साथ ही चुनाव में जीत के लिए कई तरह के प्रलोभन छात्रों को दिये जा रहे हैं. ये सब देखते हुए डीयू के प्रॉक्टर ने आचार संहिता उल्लंघन पर चेतावनी दी है.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को मद्देनजर विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर ने मंगलवार को कॉलेज प्राचार्यों से कहा कि वे उम्मीदवारों या उनके समर्थकों द्वारा छात्रों को मुफ्त मूवी या एडवेंचर पार्क टिकट या किसी अन्य गतिविधि का लालच देने के किसी भी प्रयास के खिलाफ कड़ी निगरानी रखें.
प्रॉक्टर मनोज कुमार सिंह द्वारा प्राचार्यों को जारी एक 'तत्काल' सलाह में कहा गया है, "हमारे संज्ञान में आया है कि कुछ उम्मीदवार कॉलेज परिसर के बाहर छात्रों को फ़िल्में, एडवेंचर पार्क और अन्य गतिविधियों जैसे आकर्षणों का लालच देकर लुभाने की कोशिश कर रहे हैं. यह भी देखा गया है कि छात्रों को लेने के लिए कॉलेज के गेट के बाहर बसें खड़ी की जा रही हैं."
इसने प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया कि वे चुनाव आचार संहिता के किसी भी उल्लंघन के विरुद्ध तत्काल निवारक उपाय करें. निर्देश में कहा गया है, "कृपया ध्यान दें कि ऐसी किसी भी घटना की पूरी ज़िम्मेदारी संबंधित कॉलेज प्रशासन की होगी. अगर कोई छात्र ऐसी बसों में कॉलेज से निकलता है और कोई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना होती है, तो कॉलेज प्रशासन पूरी तरह से ज़िम्मेदार होगा."
समर्थकों में झड़प
मंगलवार को चुनाव प्रचार के अंतिम दिन, कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई और आरएसएस से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एपीवीपी) के कई समर्थकों के बीच नॉर्थ कैंपस स्थित किरोड़ीमल कॉलेज के बाहर झड़प हो गई.
एनएसयूआई ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की उपस्थिति में आयोजित एक कार्यक्रम से पहले एबीवीपी पर "अपने कई पूर्वांचल समर्थकों पर हमला" करने का आरोप लगाया. एनएसयूआई अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा कि छात्र इस तरह की "धमकी" का जवाब मतदान के ज़रिए देंगे. आरोप है कि ‘‘एबीवीपी घबरा गयी है क्योंकि पूरा पूर्वांचल छात्र समुदाय एनएसयूआई के साथ खड़ा है.’’
वहीं, एबीवीपी ने एनएसयूआई पर विश्वविद्यालय का माहौल खराब करने और कांग्रेस नेताओं द्वारा "बाहरी लोगों" के साथ रोड शो निकालकर छात्रों के बीच भय का माहौल पैदा करने का आरोप लगाया.
एबीवीपी दिल्ली के सचिव, साथक शर्मा ने कहा, "डीयू परिसर शिक्षा और सकारात्मक छात्र राजनीति का केंद्र होना चाहिए, लेकिन कांग्रेस नेताओं के हस्तक्षेप ने परिसर को असुरक्षित बना दिया है."
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने कहा कि डीयू में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और वरिष्ठ अधिकारियों सहित 200 से अधिक पुलिसकर्मी प्रतिदिन परिसर में गश्त कर रहे हैं.
एक अधिकारी ने बताया, "परिसर में और उसके आसपास महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि डूसू चुनावों के दौरान कड़ी निगरानी रखने के लिए ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को 160 बॉडी-वॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं."
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