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DGCA ने इंडिगो के बाद अब SpiceJet पर लगाया 10 लाख रुपये का जुर्माना, जानिए क्या है मामला?

डीजीसीए (DGCA) ने SpiceJet पर 737 मैक्स विमान के पायलटों को को गलत सिम्युलेटर पर प्रशिक्षण देने के लिए 10 रुपये का जुर्माना लगाया है.

DGCA ने इंडिगो के बाद अब SpiceJet पर लगाया 10 लाख रुपये का जुर्माना, जानिए क्या है मामला?

स्पाइजेट एयलाइन (फाइल फोटो)

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डीएनए हिंदी: नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो के बाद अब स्पाइजेट (SpiceJet) एयरलाइन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. डीजीसीए ने सोमवार को स्पाइजेट पर 737 मैक्स विमान के पायलटों को को गलत सिम्युलेटर पर प्रशिक्षण देने के लिए 10 रुपये का जुर्माना लगाया है.

गौरतलब है कि इससे पहले DGCA ने स्पाइजेट के 90 पायलटों को B737 मैक्स विमान उड़ाने से रोक दिया था. नियामक ने पायलटों को फिर से प्रशिक्षित करने का आदेश दिया था. डीजीसीए ने कहा था कि SpiceJet द्वारा दिया जा रहा प्रशिक्षण उड़ान सेफ्टी पर गलत प्रभाव डाल सकता है और इसलिए इसे रद्द किया जाएगा.

 

IndiGo पर लगाया था 5 लाख का जुर्माना
बता दें कि  28 मई को एक दिव्यांग बच्चे को विमान में चढ़ने से मना करने पर IndiGo एयरलाइन (IndiGo Airlines) पर डीजीसीए ने 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था.इंडिगो ने 7 मई को रांची एयरपोर्ट पर दिव्यांग बच्चे को फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया था. इस मामले का वीडियो वायरल होने के बाद डीजीसीए ने जांच के आदेश दिए थे. जांच में सामने आया कि IndiGo एयलाइंस स्टाफ का बच्चे के साथ बर्ताव बेहद खराब था. जिसकी वजह से DGCA एयलाइन पर जुर्माना लगाया था.

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दिव्यांग बच्चे के साथ स्टाफ का बर्ताव गलत
DGCA ने कहा कि कंपनी के स्टाफ का बच्चे के साथ बर्ताव सही होता तो यह मामला इतना नहीं बढ़ता. DGCA ने कहा कि भविष्य में  ऐसी घटनाएं फिर न हो यह सुनिश्चित करने के लिए वह अपने दिशा-निर्देशों में बदलाव करेगा. डीजीसीए ने कहा कि स्टाफ के इस बर्ताव को देखते हुए कंपनी पर पांच लाख का जुर्माना लगाने का फैसला किया. ये जुर्माना संबंधित एयरक्राफ्ट नियमों के प्रावधानों के तहत लगाया गया.

'एयरलाइन स्टाफ बच्चे को ठीक से संभाल नहीं सका'
डीजीसीए ने इस घटना को लेकर कंपनी को कड़ी फटकार लगाई थी. रेग्युलेटर ने कहा कि एयरलाइन स्टाफ एक दिव्यांग बच्चे को ठीक से संभाल नहीं सका, उल्टा उसने परिस्थिथि को खराब किया. इस मामले में स्टाफ को ज्यादा संवेदनशीलता से काम लेना चाहिए था. डीजीसीए ने कह कि विशेष परिस्थितियों में असाधारण कदम उठाने होते हैं, कंपनी का स्टाफ सिविल एविएशन रिक्वायमेंट (रेग्लुलेशंस) की भावना और प्रतिबद्धता को सही से नहीं निभा सका और ऐसा करने में वो विफल रहे.

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