Advertisement

DGCA ने ट्रांसजेंडर ट्रेनी पायलट को मेडिकल टेस्ट दोबारा अप्लाई करने को कहा

DGCA ‘ट्रांसजेंडर’ श्रेणी के तहत ईजीसीए वेबसाइट पर पंजीकरण कराने और ताजा मेडिकल जांच के लिए आवेदन देने को कहा गया है.

DGCA ने ट्रांसजेंडर ट्रेनी पायलट को मेडिकल टेस्ट दोबारा अप्लाई करने को कहा

सांकेतिक तस्वीर

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने गुरुवार को ट्रांसजेंडर प्रशिक्षु पायलट एडम हैरी से कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल करने के लिए मेडिकल जांच के लिए फिर से आवेदन करने को कहा है. डीजीसीए ने कहा कि मीडिया में खबरें आई हैं कि उसने केरल के ट्रांसजेंडर एडम हैरी को कमर्शियल पायलट का लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है, जो कि सही नहीं है.

डीजीसीए ने कहा, ‘वास्तव में ट्रांसजेंडर लोगों के पायलट का लाइसेंस हासिल करने पर कोई पाबंदी नहीं है, बशर्ते कि वह विमान नियम 1937 में उल्लेखित नियमों समेत आयु, शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल फिटनेस, अनुभव के संबंधित प्रावधानों का पालन करते हों.’ डीजीसीए ने कहा कि ट्रांसजेंडर कर्मियों को चिकित्सकीय रूप से फिट होने का प्रमाणपत्र जारी किया जा सकता है बशर्ते कि उसे कोई बीमारी, मनोरोग न हो या वह किसी मनोवैज्ञानिक परिस्थितियों से न गुजर रहा हो.

महिला से पुरुष बनने की ली लिंग थेरेपी
उसने कहा कि अगर आवेदक ने ‘हार्मोनल रिप्लेसमेंट थेरेपी’ (महिला से पुरुष बनने की थेरेपी) ले रखी है और उसका उस पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता है तो इससे वह मेडिकल जांच में अयोग्य नहीं होगा. डीजीसीए ने कहा कि यह थेरेपी लेने के दौरान हालांकि पायलट को विमान उड़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उसने कहा कि जब हैरी ने जनवरी 2020 में चिकित्सा जांच के लिए आवेदन दिया था तो उसकी चिकित्सा रिपोर्टों कहा गया था कि वह महिला से पुरुष बनने के लिए लिंग परिवर्तन की थेरेपी ले रहा है और थेरेपी जारी रखनी पड़ेगी. साथ ही उसने मानसिक स्वास्थ्य की जो रिपोर्ट दी थी वह भी पूरी नहीं थी.

ये भी पढ़ें- Sri Lanka में आर्थिक संकट की क्या है वजह, देश में आम लोगों के कैसे हैं हालात?

DGCA ने मेडिकल जांच के लिए कहा
डीजीसीए ने कहा कि इसलिए उसे हार्मोन थेरेपी पूरी करने के लिए छह महीने की अवधि तक के लिए मेडिकल जांच में अस्थायी रूप से अयोग्य घोषित कर दिया गया था. उसने कहा कि हैरी की चिकित्सा जांच अगस्त 2020 में हुई जब उसने हार्मोन थेरेपी बंद कर दी थी और मनोवैज्ञानिक रूप से वह महिला था. इसके बाद उसे तब उसके लिंग और आयशा टीएस के नाम पर एक मेडिकल प्रमाणपत्र जारी किया गया जो 23 अगस्त 2022 तक मान्य है. विमानन नियामक ने कहा कि हैरी ने अपने छात्र पायलट लाइसेंस का इस्तेमाल करते हुए उड़ान के आवश्यक घंटों की अवधि पूरी नहीं की, जो वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस के लिए जरूरी है. उसने कहा कि इन सबके बावजूद हैरी को आयशा टीएस से एडम हैरी में नाम बदलवाने के लिए आवेदन देने, ‘ट्रांसजेंडर’ श्रेणी के तहत ईजीसीए वेबसाइट पर पंजीकरण कराने और ताजा मेडिकल जांच के लिए आवेदन देने को कहा गया है.

(भाषा इनपुट के साथ)

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों (Latest News) पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में (Hindi News) पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement