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दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तानी समर्थक नारों के पीछे विदेशी हाथ, लिखने वालों ने ली थी मोटी रकम, जानें पूरी बात

Delhi News: दिल्ली में जी20 बैठक से पहले 26 अगस्त की शाम को 8 मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तानी नारे लिखे मिलने से हड़कंप मच गया था. पुलिस ने ये नारे लिखने वाले दोनों लोगों को दबोच लिया है.

दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तानी समर्थक नारों के पीछे विदेशी हाथ, लिखने वालों ने ली थी मोटी रकम, जानें पूरी बात

Khalistan Slogans: दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर ऐसे आपत्तिजनक नारे लिखे गए थे.

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डीएनए हिंदी: Delhi Latest News- दिल्ली में होने जा रहे जी20 शिखर सम्मेलन से पहले खालिस्तान विवाद भड़काने की साजिश का पर्दाफाश हो गया है. दिल्ली पुलिस ने मेट्रो स्टेशनों और एक बिल्डिंग पर खालिस्तानी नारे लिखने वाले दो लोगों को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ये गिरफ्तारी की है. दोनों ने नारे लिखने के पीछे अमेरिका में बैठे खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannu) का हाथ बताया है. उन्होंने बताया है कि इसके लिए पन्नू ने दोनों को चार लाख रुपये भिजवाए थे, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली आकर खालिस्तान समर्थक और भारत विरोधी नारे मेट्रो स्टेशनों पर लिखे थे.  

क्या है नारों से जुड़ा पूरा मामला

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 26 अगस्त की शाम करीब 8 से 11 बजे के बीच दिल्ली मेट्रो के 8 स्टेशनों और एक बिल्डिंग पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे गए थे. स्टेशनों की दीवारों पर खालिस्तान जिंदाबाद, दिल्ली-पंजाब भारत का हिस्सा नहीं है, जैसे नारे लिखे जाने के साथ ही भारत विरोधी नारे भी लिखे गए थे. ये नारे दिल्ली मेट्रो के मादीपुर, पश्चिम विहार, उद्योग नगर, महाराजा सूरजमल स्टेडियम, शिवाजी पार्क, गवर्नमेंट सर्वोदय बाल विद्यालय नांगलोई, पंजाबी बाग और नांगलोई मेट्रो स्टेशन पर लिखे गए थे. इसनकी जानकारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू ने वीडियो के जरिये दी थी. हालांकि पुलिस ने बाद में सभी नारे मिटवा दिए थे और केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी थी. 

फरीदकोट से पकड़े गए आरोपी, पूरे पैसे भी नहीं मिले

ANI के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर एचजीएस धालीवाल ने बताया है कि नारे लिखने वाले दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं. ये आरोपी पंजाब के फरीदकोट से गिरफ्तार हुए हैं. उन्होंने बताया, इस घटना के दो आरोपी प्रीतपाल और राजविंदर सिंह पंजाब के फरीदकोट के रहने वाले हैं. दोनों वहीं से हिरासत में लिए गए हैं. पंजाब की एक फैक्ट्री में काम करने वाला प्रीतपाल सिंह सोशल मीडिया एप सिग्नल के जरिए एक साल से पन्नू के संपर्क में था. धालीवाल के मुताबिक, पन्नू ने नारे लिखने के लिए दोनों को 7 हजार डॉलर देने का वादा किया था, लेकिन 3,500 डॉलर ही दिए हैं. इसके अलावा एक लाख रुपये उसने प्रीतपाल के घर में किसी के बीमार पड़ने पर भेजे थे. धालीवाल ने बताया कि दोनों आरोपियों से अभी पूछताछ जारी है. दोनों से कुछ और बातों की जानकारी मिलने की संभावना है.

कौन है पन्नू और क्या है SFJ ?

पंजाब के खानकोट के मूल निवासी पन्नू ने पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ डी डिग्री ली है. इसके बाद अमेरिका चला गया पन्नू वहीं से खालिस्तानी मूवमेंट चला रहा है. पन्नू अमेरिका में वकालत करता है. साल 2007 में सिख फॉर जस्टिस (SFJ) की शुरुआत हुई थी. खालिस्तान बनाने के लिए काम कर रहे इस संगठन का मुख्य चेहरा गुरपतवंत सिंह पन्नू ही है. पन्नू को यह संगठन चलाने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से मदद मिलती है. पन्नू लगातार वीडियो जारी कर भारत के खिलाफ जहरीली बातें करता रहता है. उसे और उसके संगठन को भारत में साल 2018 में प्रतिबंधित किया जा चुका है. इसके बावजूद पन्नू लगातार खालिस्तान के लिए पब्लिक रेफरेंडम आयोजित करने की कोशिश करता रहता है. पन्नू के भड़काने पर ही सिख युवाओं ने अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में भारतीय दूतावासों के बाहर प्रदर्शन किए हैं और कई जगह तोड़फोड़ भी की है.

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