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बीजेपी सांसद परवेश वर्मा ने शिकायत की थी कि जैस्मीन शाह डीडीसीडी के उपाध्यक्ष होने के बावजूद आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता के रूप में काम कर रहे हैं.
डीएनए हिंदी: दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना (VK Saxena) ने दिल्ली संवाद एवं विकास आयोग (DDCD) के उपाध्यक्ष जैस्मीन शाह को बर्खास्त कर दिया है. शाह पर राजनैतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सरकारी पद पर रहते हुए दुरुपयोग करने का आरोप था. एलजी ने इस मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी चिट्टी लिखी है. अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा जैस्मीन शाह के कार्यालय को सील कर दिया गया है और उन्हें दी गईं सुविधाओं को वापस ले लिया गया है.
अधिकारी ने बताया कि सरकार द्वारा मुहैया कराए गए उनके आधिकारिक वाहन और कर्मियों को वापस बुलाने की प्रक्रिया जारी है. बीजेपी सांसद परवेश वर्मा ने शिकायत की थी कि जैस्मीन शाह डीडीसीडी के उपाध्यक्ष होने के बावजूद आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता के रूप में काम कर रहे हैं. यह शिकायत मिलने के बाद जैस्मीन शाह के खिलाफ कार्रवाई की गई.
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उपराज्यपाल ने रोकी जैस्मीन की सभी सुविधाएं
दिल्ली सरकार के योजना विभाग ने गुरुवार को एक आदेश जारी करते हुए बताया कि उपराज्यपाल ने जैस्मीन शाह को DDCD के उपाध्यक्ष के रूप में काम करने और इससे जुड़े किसी भी विशेषाधिकार एवं सुविधाओं का लाभ उठाने से रोकने का आदेश दिया है.
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बिजली सब्सिडी में अनिमियतताएं बरतने का आरोप
उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने ‘राजनीतिक मकसद’ से अपने कार्यालय का दुरुपयोग करने के आरोपों के कारण शाह को डीडीसीडी के उपाध्यक्ष पद से हटाने का आदेश दिया. शाह पर आरोप लगा कि बिजली सब्सिडी में उन्होंने अनिमियतता बरती. एलजी ने इस मामले में मुख्य सचिव से BSES डिस्कॉम को आप सरकार से मिलने वाली बिजली सब्सिडी में अनिमितताओं और विसंगतियों की जांच करने के आदेश दिए थे.
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