Advertisement

Covid: बढ़ते संक्रमण के बीच केंद्र सरकार का बड़ा खुलासा, अभी भी राज्यों के पास है 20.6 करोड़ वैक्सीन

कोविड के बढ़ते केसों के बीच वैक्सीनेशन के मुद्दे पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान जारी किया है.

Covid: बढ़ते संक्रमण के बीच केंद्र सरकार का बड़ा खुलासा, अभी भी राज्यों के पास है 20.6 करोड़ वैक्सीन
Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: देश में कोविड-19 (Covid-19) के केस बढ़ने के साथ ही चौथी लहर की आशंकाएं बढ़ने लगी है. वहीं इस संक्रमण से लड़ने में कारगर कोविड वैक्सीन (Covid Vaccine) को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा खुलासा किया है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने शनिवार को जानकारी दी कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों  के पास 20.60 करोड़ से अधिक शेष और अनुपयोगी कोविड वैक्सीन खुराक अभी भी उपलब्ध हैं. 

राज्यों के पास है कोविड वैक्सीन

मंत्रालय के अनुसार भारत सरकार (मुफ्त कोटे) के माध्यम से और प्रत्यक्ष राज्य खरीद श्रेणी के माध्यम से अब तक राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों को 192.27 करोड़ (1,92,27,23,625) से अधिक वैक्सीन खुराक प्रदान कर चुकी है. मंत्रालय ने कहा कि 20.60 करोड़ से अधिक (20,60,37,336) शेष कोविड वैक्सीन खुराक अभी भी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के पास उपलब्ध हैं.

यह भी पढ़ें- युवाओं को 4,000 रुपये दे रही है Modi Government? जानिए क्या है इस दावे की सच्चाई

राज्यों को मुफ्त आपूर्ति कर रही है केंद्र सरकार

मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तौर पर भारत सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुफ्त में कोविड टीके प्रदान करके उनका समर्थन करती रही है. मंत्रालय द्वारा आगे कहा गया कि कोविड -19 टीकाकरण अभियान के नए चरण में केंद्र सरकार देश में वैक्सीन निर्माताओं द्वारा उत्पादित किए जा रहे टीकों का 75 प्रतिशत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को मुफ्त में खरीदकर आपूर्ति करेगी. 

यह भी पढ़ें- Indian Railways Update: खिड़की वाली सीट पर बैठकर करना है सफर तो जान लीजिए रेलवे के ये नियम

इसके साथ ही केंद्र सरकार ने एक बार फिर कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए वैक्सीनेशन अभियान को तेज करने साथ ही इसके दायरे को बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है.

यह भी पढ़ें- LIC की इस स्कीम में 4 साल तक करिए निवेश, मिलेगा 1 करोड़ रुपये का मिनिमम रिटर्न

गूगल पर हमारे पेज को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें. हमसे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज पर आएं और डीएनए हिंदी को ट्विटर पर फॉलो करें.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement