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Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में गर्मी से तड़पते चीते और उसके शावकों को वन विभाग के ड्राइवर ने पानी पिलाया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर बेहद वायरल हो गया था. इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए उसे नौकरी से हटा दिया गया है.
Madhya Pradesh News: वन विभाग के उस ड्राइवर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है, जिसका वीडियो गर्मी से तड़पते चीते और उसके शावकों को पानी पिलाते हुए वायरल हुआ था. ड्राइवर के इस काम को नियमों के खिलाफ बताते हुए उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई थी. इस कार्रवाई में ड्राइवर को दोषी ठहराते हुए उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है. प्रोजेक्ट चीता (Project Cheetah) मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में चल रहा है. वन विभाग ने इस कार्रवाई को लेकर एक स्पष्टीकरण जारी किया है. उन्होंने कहा है कि हमारे संज्ञान में वीडियो आने पर उसकी जांच की गई है. किसी भी स्थायी कर्मचारी को इस मामले में सस्पेंड नहीं किया गया है और ना ही नौकरी से हटाया गया है. केवल नियमों का उल्लंघन करने वाले वन विभाग के संविदा के ड्राइवर को काम से हटाया गया है.
क्या किया था ड्राइवर ने
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति मादा चीता और उसके चार शावकों को एक केन से स्टील के कटोरे में पानी भरकर पीने के लिए रखता हुआ दिख रहा था. यह वीडियो 4 अप्रैल का बताया जा रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि मादा चीता बेहद शांत तरीके से उस व्यक्ति की तरफ आती है और कटोरे में पानी पीना शुरू कर देती है. मां को देखकर शावक भी पानी पी लेते हैं. वीडियो में दिख रही मादा चीता का नाम ज्वाला बताया गया है, जो नामीबिया से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रोजेक्ट चीता के तहत ट्रांसलोकेट करके मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में बसाए गए हैं.
*वायरल होने के लिए, बेवजह जान जोखिम में डालकर,चीतों को पानी पिलाने वाले शख़्स को नौकरी से सस्पेंड किया गया -*
— Shekhar Khare ( सेवानिवृत्त ) (@SKkhare11) April 7, 2025
वन विभाग ने चीता मित्र को नौकरी से हटाया
मामला मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान का है ,,,!! pic.twitter.com/5LmsttQGHz
इस तरह पानी पिलाना नियमों के खिलाफ
एक अधिकारी ने कहा कि फील्ड स्टाफ ने इस तरह पानी पिलाकर नियमों का उल्लंघन किया था और अनुशासनहीनता दिखाई है. इसके चलते अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है. PTI से रविवार को एडिशनल प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट्स (APCCF) उत्तम कुमार शर्मा ने कहा,'सोशल मीडिया पर शेयर वीडियो हर तरीके से अनुशासनहीनता और नियमों का उल्लंघन है. संबंधित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.' उन्होंने आगे कहा,'ज्वाला और उसके चार शावक कूनो नेशनल पार्क से सटी आगरा रेंज में मानव बस्तियों के करीब तक पहुंच गए थे. सामान्य तौर पर निगरानी करने वाली टीम को निर्देश होते हैं कि जब भी ऐसे हालात बने तो वे चीता को दोबारा जंगल में आने के लिए ललचाने की कोशिश करें ताकि इंसान-चीता टकराव के हालात ना बन सकें. जब भी चीता खेतों में इंसानी बस्तियों के करीब जाता है तो उस संबंधित रेंज के अतिरिक्त स्टाफ को भी बुला लिया जाता है. इस मामले में भी आगरा रेंज के स्टाफ को बुलाया गया था.
आगरा रेंज की गाड़ी चला रहा था संविदा का ड्राइवर
APCCF शर्मा ने कहा,' आगरा रेंज के वन विभाग की गाड़ियों के लिए संविदा पर रखे गए ड्राइवरों में से एक ने ज्वाला और उसके चार शावकों को स्टील के कटोरे में पानी दिया था. इस बात के स्पष्ट निर्देश हैं कि चीता से दूर रहें, क्योंकि निगरानी टीम को चीता को हैंडल करने के लिए दी गई ट्रेनिंग में यह शामिल है. केवल अधिकृत व्यक्ति को ही चीता के करीब जाकर कोई भी काम करने की अनुमति है.'
कूनो पार्क में हैं अब 17 चीता
फिलहाल कूनो नेशनल पार्क में 17 चीता खुले जंगल में घूम रहे हैं, जिनमें भारतीय जमीन पर जन्मे 11 शावक भी शामिल हैं. इनसे अलग 9 चीता तय एन्क्लोजर में रखे गए हैं ताकि वे भारतीय वातावरण के आदी हो जाएं. सितंबर, 2022 में कूनो नेशनल पार्क (KNP) में 8 नामीबियाई चीता छोड़े गए थे, जिनमें 5 मादा और 3 नर थे. यह किसी भी बिग कैट का पहला इंटरकॉन्टिनेंटर ट्रांसलोकेशन था. इसके अलावा 12 चीता दक्षिण अफ्रीका से ट्रांसलोकेट करके लाए गए हैं. संरक्षित वन क्षेत्र में अब 26 चीता हैं, जिनमें 14 भारत में जन्मे शावक शामिल हैं.
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