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को-लोकेशन मामला एनएसई के कंप्यूटर सर्वर से सूचनाओं को गलत तरीके से शेयर ब्रोकर्स तक पहुंचाने से जुड़ा है.
डीएनए हिंदीः नेशनल स्टाक एक्सचेंज (NSE) घोटाले से जुड़े को-लोकेशन मामले में सीबीआई (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है. सीबीआई की टीम एक साथ देश में 10 से अधिक शहरों में छापेमारी कर रही है. ये कार्रवाई दिल्ली, मुंबई, गांधीनगर, नोएडा, गुड़गांव और कोलकाता समेत कई शहरों में की जा रही है.
सीबीआई इस मामले में एनएसई की पूर्व सीईओ और एमडी चित्रा रामकृष्ण और ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर आनंद सुब्रमण्यम के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. सीबीआई ने अप्रैल में चित्रा और सुब्रमण्यम के खिलाफ दायर आरोपपत्र में कहा था कि चित्रा 1 अप्रैल 2013 को एनएसई की मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक नियुक्त की गई थीं. चित्रा ही आनंद और उनकी पत्नी सुनीता आनंद को एनएसई में लेकर आई थीं. उन्होंने दोनों के वेतन में बेतहाशा बढ़ोतरी भी की थी. आनंद का वेतन पहले 15 लाख रुपये था, जिसे बढ़ाकर 1.68 करोड़ और बाद में 4.21 करोड़ सालाना कर दिया गया था.
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क्या है मामला
को-लोकेशन मामला एनएसई के कंप्यूटर सर्वर से सूचनाओं को गलत तरीके से शेयर ब्रोकर्स तक पहुंचाने से जुड़ा है. आरोप है कि इन सूचनाओं की बदौलत ब्रोकरों ने मिलीभगत करके मार्केट से अप्रत्याशित लाभ कमाया. सीबीआई इस मामले में दिल्ली के ओपीजी सिक्योरिटीज के मालिक और स्टॉक ब्रोकर संजय गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज कर चुकी है.
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