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Yogi Adityanath पर की थी अभद्र टिप्पणी, अब सजा के तौर पर करना होगा यह काम

लड़के के परिजनों का कहना है कि मोबाइल कहीं अन्य जगह चार्जिंग के लिए लगा था, किसी अन्य व्यक्ति ने ऐसा किया, उनका बेटा बेकसूर है.

Yogi Adityanath पर की थी अभद्र टिप्पणी, अब सजा के तौर पर करना होगा यह काम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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डीएनए हिंदी: उत्तर प्रदेश के बदायूं में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) पर अभद्र टिप्पणी करने वाले एक किशोर को किशोर न्याय बोर्ड ने 15 दिन गौशाला में सेवा करने तथा 15 दिन गांव के सार्वजनिक स्थल पर सफाई करने की सजा सुनाई है. आरोपी पक्ष के अधिवक्ता जवाहर सिंह यादव ने बताया कि बदांयू के दहगांवा कस्बा के इस किशोर के मोबाइल से 18 जनवरी को योगी आदित्यनाथ का एक एडिट किया हुआ आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था, जो बाद में व्हाट्सअप से भी साझा किया गया.

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जब जांच की तो उसने पाया कि यह कृत्य इस किशोर के मोबाइल से किया गया है. मुकदमे की सुनवाई के दौरान किशोर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और भविष्य में ऐसा दोबारा न करने का इरादा भी जताया.

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सहायक अभियोजन अधिकारी एवं बचाव पक्ष के वकील की दलीलें सुनने के बाद किशोर न्याय बोर्ड की न्यायाधीश आंचल अधाना और उसके सदस्य अरविंद गुप्ता एवं प्रमिला गुप्ता ने किशोर के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बुधवार को अपने फैसले में कहा कि आरोपी किशोर 15 दिन गांव की गौशाला में गायों की सेवा करेगा तथा 15 दिन सार्वजनिक स्थान पर सफाई करेगा.

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बोर्ड का कहना था कि इस फैसले से बच्चे के अंदर सेवा भाव पैदा होगा, उसे सुधरने को पर्याप्त अवसर दिया गया है.

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जवाहर सिंह यादव का कहना है कि बच्चे द्वारा मोबाइल पर कोई अभद्र पोस्ट कर दी गई थी जिसकी वजह से उसे यह सजा सुनाई गई लेकिन अदालत ने उसके बारे में जो फैसला सुनाया है वह काफी सराहनीय है. यादव ने बताया कि किशोर पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है जो किशोर के परिजनों द्वारा बृहस्पतिवार को राजकीय कोष में जमा कर दिया गया है. हालांकि किशोर के परिजनों का कहना है कि मोबाइल कहीं अन्य जगह चार्जिंग के लिए लगा था, किसी अन्य व्यक्ति ने ऐसा किया, उनका बेटा बेकसूर है.

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