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Botox Surgery ने किया कमाल, 8 साल बाद महिला को नसीब हुआ खाना

मणिपाल हॉस्पिटल के डॉक्टर ने बिना सर्जरी किए बोटॉक्स की मदद से महिला का इलाज किया. 8 साल बाद अब महिला आराम से खाने का आनंद उठा पा रही रही हैं. 

Botox Surgery ने किया कमाल, 8 साल बाद महिला को नसीब हुआ खाना
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डीएनए हिंदी: एंटी रिकल के इलाज में कारगर बोटॉक्स की मदद से डॉक्टर ने पेट के अंदर ओवर एक्टिव हुए वॉल्व का इलाज करने में सफलता प्राप्त की है. 84 साल की महिला पिछले 8 साल से लिक्विड फूड पर थीं. महिला खाना नहीं निगल पाती थीं, जाहिर सी बात है कि इससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद भी महिला को इलाज नहीं मिल पा रहा था. 

इधर उनका वजन भी दिन-ब-दिन कम हो रहा था. महिला जहां भी इलाज के लिए जाती, उनकी उम्र को देखते हुए सर्जरी टाल दी जाती. हर जगह से उन्हें केवल लिक्विड फूड पर ही रहने की सलाह मिली लेकिन मणिपाल हॉस्पिटल के डॉक्टर ने इस चुनौती को स्वीकार किया और बिना सर्जरी किए बोटॉक्स की मदद से इनका इलाज कर दिया. 8 साल बाद अब महिला आराम से खाने का आनंद उठा पा रही रही हैं. 

मामले को लेकर मणिपाल हॉस्पिटल के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के एचओडी डॉक्टर अवनीश सेठ ने बताया, महिला अक्लेशिया कार्डिया नामक रेयर बीमारी से पीड़ित थीं. खाने की नली और पेट के जंक्शन के बीच एक वॉल्व होता है, वह ओवर एक्टिव हो गया था. इससे महिला के फूड पाइप से खाना नीचे नहीं जा पा रहा था. वहीं जब महिला अपनी परेशानी का इलाज ढूंढने हमारे पास आईं, उस वक्त मेरे मन में बोटॉक्स के इस्तेमाल का ख्याल आया. चूंकि बोटॉक्स में टॉक्सिन होता है, वह मसल्स को रिलैक्स कर देता है, इसी वजह से रिंकल हट जाते हैं लेकिन इसका प्रभाव कुछ ही दिनों तक रहता है. 

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डॉक्टर सेठ ने आगे बताया, महिला के इलाज में एंडोस्कोपी की मदद से जहां पर वॉल्व ओवर हुआ था, उसके चारों ओर 4 पॉइंट पर बोटॉक्स को इंजेक्ट किया गया. इसके तुरंत बाद उस जगह के मसल्स पेरालाइज्ड हो गए. वॉलव का ओवर एक्टिव होना बंद हो गया और महिला कुछ देर बाद आसानी से खा पी पा रही थीं. डॉक्टर ने बताया कि महिला अपने इलाज से काफी खुश हैं. साथ ही हमारा भी मानना है कि इस उम्र में इससे बेहतर इलाज और कुछ नहीं हो सकता है. इसका असर लगभग 6 महीने तक रहेगा. इसके बाद कम होने लगेगा. जब असर कम होगा तो यह प्रोसीजर फिर से किया जा सकता है. यह काफी सस्ता और आरामदायक प्रोसीजर है जिससे उन्हें अपनी परेशानी से छुटकारा मिलता रहेगा. 

क्या होता है बोटॉक्स?
बता दें कि बोटॉक्स लैब में बना हुआ एक प्रोटीन है जो स्टेराइल इंजेक्शन होता है. यह इंट्रामस्क्युलर होता है यानी इसे मसल्स में दिया जाता है. डर्मेटोलॉजिस्ट इसे चेहरे की मांसपेशियों में छोटी सुई से इंजेक्ट करते हैं. सेलेब्स इसका इस्तेमाल चेहरे की फ्राउन लाइंस, आंखों की साइड पर बनने वाली झुर्रियों को कम करने के लिए करते हैं. इसके अलावा गले पर जो लाइंस आ जाती है, उनके लिए भी बोटॉक्स का इस्तेमाल किया जाता है. 

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