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UP Board Result 2023: नेताजी को 12वीं पास करके भी रिजल्ट पर नहीं यकीन, पूर्व विधायक बोले 'दोबारा चेक कराऊंगा कॉपी'

UP Board 12th Result: बरेली शहर के पूर्व विधायक पप्पू भरतौल उर्फ राजेश कुमार मिश्रा का दावा है कि उन्हें कम से कम 3 विषय में कम नंबर दिए गए हैं. इस बार 12वीं कक्षा में पूरे प्रदेश में 25,71,002 में से 19,41,717 छात्र पास हुए हैं.

UP Board Result 2023: नेताजी को 12वीं पास करके भी रिजल्ट पर नहीं यकीन, पूर्व विधायक बोले 'दोबारा चेक कराऊंगा कॉपी'

Former BJP MLA Pappu Bhartaul

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डीएनए हिंदी: Bareilly News- उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) का इंटरमीडिएट परीक्षा का रिजल्ट इस बार बेहद शानदार रहा है. कक्षा 12 में करीब 75.52 फीसदी छात्र पास हुए हैं. एक पूर्व विधायक भी 12वीं कक्षा की परीक्षा में बैठकर पास हो गए हैं. इसके बावजूद 'नेता जी' अपने रिजल्ट से खुश नहीं हैं. उनका कहना है कि उन्हें कम से कम तीन विषय में सही तरीके से नंबर नहीं दिए गए हैं. इसलिए वे अपनी कॉपी दोबारा चेक कराने के लिए आवेदन करेंगे.

सेकंड डिविजन से 12वीं पास हुए हैं पूर्व विधायक पप्पू

बरेली के पूर्व विधायक पप्पू भरतौल उर्फ राजेश कुमार मिश्रा ने भी इस बार यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में भाग लिया था. उन्होंने परीक्षा दी थी, जिसका रिजल्ट मंगलवार को घोषित हुआ है. 55 साल के पूर्व विधायक पप्पू भरतौल ने यह परीक्षा सेकंड डिविजन से उत्तीर्ण कर ली है, लेकिन वे अपने मार्क्स से नाखुश हैं. उन्होंने कहा कि तीन विषयों में कम नंबर आए हैं, वरना वे फर्स्ट डिविजन के साथ परीक्षा पास करते. इसी कारण उन्होंने इन तीन विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराने के लिए आवेदन करने की बात कही है.

साल 2017 में बने थे भाजपा के टिकट पर विधायक

पप्पू भरतौल साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर उतरे थे. उन्होंने बरेली की बिथरी चैनपुर सीट से जीत हासिल की थी. हालांकि साल 2019 में उनकी बेटी साक्षी मिश्रा के दलित युवक से लव मैरिज कर लेने का विरोध करने के दौरान पप्पू बेहद विवादों में फंस गए थे. इसके चलते पिछले साल हुआ चुनाव में भाजपा ने उनकी बजाय राघवेंद्र शर्मा को बिथरी चैनपुर सीट से टिकट दिया था.

वकील बनने के लिए पढ़ रहे हैं पूर्व विधायक

पूर्व विधायक पप्पू भरतौल ने दोबारा अपनी पढ़ाई शुरू करने का फैसला गरीब लोगों की मदद करने के लिए किया है. उनका कहना है कि वे वकालत की पढ़ाई करेंगे और ऐसे गरीब लोगों की मदद करेंगे, जो अच्छे वकील की फीस का खर्च नहीं वहन कर सकते हैं. पप्पू को 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने में उनके तीन बच्चों की भी मदद मिली, जो रोजाना अपने पिता की एग्जाम के लिए तैयारी कराते थे. 

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