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BSEB 12th Result 2022: ई-रिक्शा चालक का बेटा बना 'स्टेट टॉपर', कहा- बचपन से गरीबी ही देखी लेकिन हिम्मत कभी नहीं हारी

संगम कहते हैं, मैं यह बताते हुए बहुत गर्व महसूस कर रहा हूं कि मेरे पापा ई-रिक्शा चलाते हैं. आज उन्हीं की मेहनत का परिणाम है कि मैं स्टेट टॉपर बना हूं.

BSEB 12th Result 2022: ई-रिक्शा चालक का बेटा बना 'स्टेट टॉपर', कहा- बचपन से गरीबी ही देखी लेकिन हिम्मत कभी नहीं हारी
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डीएनए हिंदी: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा बीते बुधवार को 12वीं परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया. कला संकाय में गोपालगंज की सड़कों पर ई- रिक्शा चलाने वाले जनार्दन साह के बेटे संगम राज 96.4 फीसदी (482) अंक लाकर स्टेट टॉपर बने हैं. इस खबर की सूचना मिलते ही साह के घर में खुशी की लहर दौड़ पड़ी.

संगम ने बताया कि यह सुखद खबर उन्हें उनके कोचिंग सेंटर में मिली. जब उनके पिताजी ने फोन पर उन्हें इस बारे में बताया तो उस वक्त जो खुशी मिली उसे वे शब्दों में बयां नहीं कर सकते. इधर संगम के पिता को भी जब इस बारे में पता चला तो वे भावुक हो उठे. पिता जनार्दन अपने खुशी के आंसू रोक नहीं पा रहे थे.

संगम राज गोपालगंज के कटघरवा गांव के रहने वाले हैं. राज के पिता जनार्दन साह ई-रिक्शा चालक हैं. बेटे को मिली इस सफलता से पूरा परिवार काफी खुश है. संगम राज कहते हैं, 'मैं यह बताते हुए बहुत गर्व महसूस कर रहा हूं कि मेरे पापा ई-रिक्शा चलाते हैं और आज उन्हीं की मेहनत का परिणाम है कि मैं स्टेट टॉपर बना हूं.'

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अपनी सफलता का श्रेय परिजनों और शिक्षकों को देते हुए संगम ने कहा, कोरोना काल में भी शिक्षकों ने पढ़ाई जारी रखी जिसका परिणम आज सबके सामने है. उन्होंने कहा कि हमें सभी परिस्थितियों में जीना सीखना चाहिए. अगर हिम्मत और जुनून हो तो दुनिया कि सारी बधाएं दूर हो जाती हैं. बचपन से हमने काफी गरीबी में अपना जीवन गुजारा है. काफी मुश्किलों का सामना कर हम यहां तक पहुंचे हैं लेकिन हिम्मत कभी नहीं हारी.

संगम कहते हैं, जीवन में कष्ट पहुंचाने के लिए बहुत बाधाएं आती हैं लेकिन जुनूनी तौर पर लगे रहने पर कामयाबी जरूर मिलती है. उन्होंने सभी छात्रों से लक्ष्य तय करने की अपील करते हुए कहा कि अगर लक्ष्य तय कर उसपर अडिग रहें और जुनून से उस लक्ष्य प्राप्ति के लिए मेहनत की जाए तो कुछ भी असंभव नहीं है.

संगम के माता-पिता भी बेटे की सफलता से काफी खुश हैं. वे कहते हैं कि इस मौके पर खुशी होना स्वभाविक है. भारतीय प्रशसनिक सेवा के अधिकारी बनने का सपना देख रहे संगम कहते हैं कि वे मेहनत और लगन की बदौलत खुद के और अपने मां-पापा के सपनों को जरूर पूरा करेंगे.

(इनपुट- आईएएनएस)

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