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Chhattisgarh के पूर्व सीएम बघेल के घर छापा मारने वाली ED टीम पर हमला, बाहर निकलते ही हुआ पथराव

Chhattisgarh ED Team Attack: छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में ईडी टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के ठिकानों पर रेड मारी है. रेड में इतना पैसा और सोना बरामद होने का दावा किया गया है कि नोट गिनने के लिए मशीन मंगानी पड़ी है.

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Chhattisgarh के पूर्व सीएम बघेल के घर छापा मारने वाली ED टीम पर हमला, बाहर निकलते ही हुआ पथराव
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Chhattisgarh ED Team Attack: छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ठिकानों पर सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से की गई रेड खत्म हो गई है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता बघेल, उनके बेटे और अन्य के ठिकानों पर यह रेड शराब घोटाला मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में की गई है. छापे में क्या-क्या मिला है? इसे लेकर अभी तक कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं हुआ है. लेकिन रेड के दौरान बघेल के घर नोट गिनने और सोने की गुणवत्ता जांचने की मशीन मंगानी पड़ी है. इससे माना जा रहा है कि बड़े पैमाने पर नकदी और सोना बरामद हुआ है. हालांकि इस छापेमारी से कांग्रेस कार्यकर्ता और बघेल समर्थक भड़क गए हैं. बघेल के घर पर रेड खत्म करने के बाद बाहर निकलते ही ईडी टीम पर हमला हुआ है. उनका गाड़ियों पर ईंट-पत्थर बरसाए गए हैं. इस हमले में अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन ईडी अधिकारियों ने इस मामले में FIR दर्ज कराने की बात कही है.

14 जगह की गई है छत्तीसगढ़ में छापेमारी
छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच ED कर रही है. ईडी टीम ने इस सिलसिले में सोमवार को राज्य में 14 ठिकानों पर एकसाथ छापा मारा है. ईडी टीम भिलाई में पूर्व मुख्यमंत्री व सीनियर कांग्रेस लीडर भूपेश बघेल के घर व अन्य कुछ ठिकाने, उनके बेटे चैतन्य बघेल और उसके करीबी सहयोगी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू समेत कई अन्य लोगों के यहां रेड डालने पहुंची. 

चैतन्य बघेल को पूछताछ के लिए बुलाया गया ऑफिस
ईडी ने छापेमारी खत्म होने के बाद चैतन्य बघेल को पूछताछ के लिए अपने ऑफिस में पेश होने का आदेश दिया है. चैतन्य बघेल के ठिकाने से कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी सीज करने की खबर है. ईडी सूत्रों का दावा है कि करीब 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में चैतन्य बघेल को भी विभिन्न योजनाओं के जरिये निकाले गए पैसे में से हिस्सा दिया गया है. इसके सबूत होने का दावा ईडी ने किया है. यह शराब घोटाला साल 2019 से 2022 के बीच हुआ था. 

बघेल ने बताया इसे सरकार की अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश
भूपेश बघेल ने इस छापेमारी को सरकार की अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है. उनके कार्यालय के एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल पर लिखे पोस्ट में कहा,'कोर्ट में खारिज हो चुके सात साल पुराने केस में आज ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास में प्रवेश किया है. भूपेश बघेल ने कहा, 'छापेमारी के दौरान कोई सोना-चांदी लेकर नहीं गया है. सभी इतना ही मिला है जितना हमारी तरफ से डिक्लेयर है. माहौल बनाया गया कि नोट गिनने के लिए मशीनें लाई गई हैं. कुछ 33 लाख रुपये बता रहे थे कि नकदी मिली है. ये कोई बहुत बड़ी राशि नही है मैं नहीं मानता.'

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